श्री नयनादेवी मंदिर ट्रस्ट का ऐतिहासिक कदम! अब लंगर की जूठन भी आएगी काम…हिमाचल का पहला आधुनिक बायोगैस प्लांट शुरू

--Advertisement--

हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयनादेवी मंदिर ने कचरे से ऊर्जा  बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम उठाया है। श्री नयनादेवी मंदिर हिमाचल का पहला ऐसा मंदिर ट्रस्ट बन गया है, जहां लंगर से निकलने वाले जैविक कचरे (बचे हुए भोजन और जूठन) से बायोगैस तैयार की जा रही है। इस गैस का सीधा इस्तेमाल अब मंदिर की रसोई में प्रसाद और लंगर बनाने के लिए किया जा रहा है।

रोजाना बन रही 20 किलो बायोगैस

मंदिर न्यास द्वारा एक आधुनिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्री-फैब्रिकेटेड बायोगैस प्लांट स्थापित किया गया है, जिसने अब पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया है। 200 किलोग्राम जैविक कचरे को प्रोसैस करने की क्षमता वाले इस प्लांट से शुरूआती चरण में हर दिन लगभग 20 किलो बायोगैस का उत्पादन हो रहा है। इस प्रोजैक्ट को ग्रीन ब्रिक ईको सॉल्यूशन कंपनी ने तकनीकी विशेषज्ञता के साथ सफलतापूर्वक स्थापित किया है।

एलपीजी सिलैंडरों का बचेगा भारी खर्च

वर्तमान में माता के लंगर में नाश्ते, लंच और डिनर की व्यवस्था के लिए रोजाना 5 से 8 कमर्शियल एलपीजी सिलैंडरों की खपत होती है। बायोगैस का उत्पादन शुरू होने से न केवल एलपीजी सिलैंडरों पर होने वाला लाखों रुपए का खर्च बचेगा, बल्कि मंदिर परिसर से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान भी हो सकेगा। पहले इस जैविक कचरे को ठिकाने लगाने में काफी परेशानी आती थी।

क्या कहते हैं अधिकारी?

मंदिर न्यास श्री नयना देवी के अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल चौधरी ने बताया कि आने वाले समय में इस बायोगैस संयंत्र की क्षमता को और बढ़ाया जाएगा, ताकि प्रतिदिन कई गैस सिलैंडरों के बराबर गैस तैयार की जा सके। लंगर के वेस्ट से बायोगैस तैयार करने वाला नयना देवी हिमाचल का पहला शक्तिपीठ बन गया है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

नशा तस्कर की अवैध संपत्ति पर चला बुलडोजर, सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाया था घर

हिमखबर डेस्क नशीले पदार्थों के अवैध नेटवर्क के खिलाफ जीरो...

चालक की लापरवाही से बस से गिरी महिला, सिर में आई गंभीर चोट…PGI तक चला इलाज; अब दर्ज हुआ केस

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर सदर थाना पुलिस ने...

श्री श्री रविशंकर से मिले सुक्खू, प्राकृतिक खेती और बेसहारा गौवंश के संरक्षण पर हुई चर्चा

हिमखबर डेस्क मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज बेंगलुरु में...