शिमला मर्डर मिस्ट्री: खेतों ने उगला खौफनाक राज… एक दोस्त गिरफ्तार, दो फरार

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हिमखबर डेस्क 

पहाड़ों की गोद में बसे बसंतपुर की शांति उस वक्त दहल गई, जब एक खेत की मिट्टी ने हफ्तों पुराने खौफनाक राज को उगल दिया। होली की उमंग जहाँ देशभर में खुशियाँ बाँट रही थी, वहीं शिमला के सुन्नी थाना क्षेत्र में इसी त्योहार की रात को एक प्रवासी मजदूर की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जमीन में गहरे गड्ढे में दफन कर दिया गया था, लेकिन कानून के हाथों ने आखिरकार इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश कर ही दिया।

मृतक की पहचान राम प्रवेश राम (25) के रूप में हुई है, जो बिहार के मुजफ्फरपुर का निवासी था। वह बसंतपुर में भवन निर्माण (RCC) के कार्यों में मजदूरी करता था।

तफ्तीश में सामने आया कि 3 और 4 मार्च 2026 की दरम्यानी रात, जब पूरा इलाका होली के उत्सव में डूबा था, राम प्रवेश का अपने ही कुछ साथियों के साथ किसी बात पर हिंसक विवाद हो गया। यह झगड़ा इतना बढ़ा कि आरोपियों ने आपा खो दिया और राम प्रवेश को मौत के घाट उतार दिया।

हत्या को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अरुण कुमार और उसके दो अन्य साथियों ने जुर्म के निशानों को मिटाने के लिए शव को पास के ही एक खेत में दबा दिया। मामले का खुलासा तब शुरू हुआ जब राम प्रवेश का फोन लगातार बंद आने लगा।

15 मार्च 2026 को मृतक के पिता चतुरी राम ने सुन्नी थाने में बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। मोबाइल टावर लोकेशन, कॉल डिटेल्स और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस का शक अरुण कुमार पर गहराया।

23 मार्च 2026 को संदिग्ध से पूछताछ और निशानदेही के बाद पुलिस ने खेत से शव को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों और मकान मालिक ने मृतक की पहचान की।

25 मार्च 2026 को विशेष पुलिस टीम ने दबिश देकर मुख्य आरोपी अरुण कुमार (निवासी पूर्वी चंपारण) को मुजफ्फरपुर से दबोच लिया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी अरुण कुमार खुद एक छोटा ठेकेदार था और उसने बसंतपुर में एक पक्के मकान का काम लिया हुआ था। इस वारदात में दो अन्य युवक, विकेश कुमार और महेश कुमार भी शामिल थे, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

थाना प्रभारी, सुन्नी के बोल 

“हमने हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शेष दो की तलाश में छापेमारी जारी है। मामले की तह तक जाने के लिए हर वैज्ञानिक साक्ष्य को जुटाया जा रहा है।”

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