हिमखबर डेस्क
हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा बुधवार को 48 घंटे का अल्टीमेटम पूरा होने के बाद स्वयं गिरफ्तारी देने सुजानपुर पुलिस थाना पहुंच गए। उनके साथ भाजपा मंडल सुजानपुर और बमसन के सैकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस थाने का घेराव किया। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि हमीरपुर में कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
इसकी शिकायत सुजानपुर थाना में देने के बावजूद 48 घंटे बाद भी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के खिलाफ शिकायत मिलते ही कुछ घंटों में एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, लेकिन प्रधानमंत्री से जुड़े मामले में कार्रवाई नहीं की गई।
राणा ने कहा कि अगर सरकार से सवाल पूछना गुनाह है तो वह गिरफ्तारी देने के लिए खुद थाने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि न वह भागेंगे और न ही जमानत लेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा नेताओं के खिलाफ 12 घंटे पुरानी शिकायत पर एफआईआर हो जाती है, लेकिन 48 घंटे पुरानी शिकायत पर भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या हिमाचल में दो कानून चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनहित के मुद्दे उठाना है। राजनीतिक मामलों से भाजपा कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। राणा ने आरोप लगाया कि पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कानून के अनुसार काम करना चाहिए।
थाने के घेराव के बाद भाजपा मंडल सुजानपुर और बमसन के नेताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर करीब ढाई महीने से लंबित बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव जल्द करवाने की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव लंबित होने से पंचायतीराज संस्थाओं का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अधूरे विकास कार्यों को गति देने की भी मांग उठाई।

