राज्य के 378 सरकारी स्वास्थ्य संस्थान तय, कैंसर की रोकथाम को अभियान की शुरुआत
हिमखबर डेस्क
सर्वाइकल कैंसर, जो कि स्तन कैंसर के बाद सबसे ज्यादा महिलाओं में पाई जाने वाली कैंसर की बीमारी है, के विरुद्ध पहली बार सरकार द्वारा एक विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जा रही है। यह अभियान महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा सर्विकल-कैंसर की रोकथाम की दिशा में राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर महत्त्वपूर्ण कदम है।
राज्य में टीकाकरण सत्र 29 मार्च, पांच अप्रैल और 12 अप्रैल को आयोजित होगा, ताकि बच्चों की परीक्षाएं पूर्ण हो जाएं और छुट्टी के दिन यह कार्य सुविधाजनक रूप से पूर्ण हो सके। जो किशोरियां किसी कारणवश इन तिथियों पर टीकाकरण से छूट जाएंगी, उनके लिए 19 अप्रैल, 10 मई , 24 मई और 21 जून को विशेष मॉप-अप सत्र आयोजित किए जाएंगे। टीकाकरण का कार्य राज्य के 378 चिन्हित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों कोल्ड चेन प्वाइंट्स पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किया जाएगा।
कोल्ड चेन व्यवस्था, गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कम उम्र में टीकाकरण से भविष्य में इस गंभीर बीमारी का जोखिम लगभग शून्य हो जाता है। लाभार्थियों का पंजीकरण एवं निगरानी यू-विन पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से की जाएगी।
टीकाकरण से पूर्व अभिभावकों की सहमति सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी अभिभावकों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें और अपनी बेटियों का गर्भाशय ग्रीवा -सर्विकल कैंसर- से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अवश्य सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीकाकरण नहीं, बल्कि बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
65 हजार किशोरियों को नि:शुल्क टीका
अभियान के अंतर्गत राज्य में लगभग 65000 पात्र किशोरियों, जो कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की हैं, को निशुल्क एचपीवी टीका लगाया जाएगा। निजी क्षेत्र में यह टीका अत्यधिक महंगा है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा इसे पूर्णत नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सर्विकल प्रतिरोधक टीका तीन माह के अभियान के बाद यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम का हिस्सा बन जाएगा और सभी सरकारी टीकाकरण स्वास्थ्य संस्थानों पर उपलब्ध होगा।

