एरियर और डीए का एकमुश्त भुगतान करें सरकार, जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के बकाया लाभ भी मांगे, विरोध प्रदर्शन और गेट मिटिंग पर रोक को बताया तुगलकी फरमान
नूरपुर – स्वर्ण राणा
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की नूरपुर इकाई की बैठक शनिवार 2 बजे इकाई अध्यक्ष एसके धीमान की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बिजली बोर्ड के पेंशनरों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई और प्रदेश सरकार व बोर्ड प्रबंधन से पेंशनरों की मांगों को जल्द पूरा करने के लिए आवाज बुलंद की गई।
बैठक में सरकार से मांग की गई हैं कि पेंशनरों का जो बकाया वित्तीय लाभ लंबित हैं,उसका भुगतान शीघ्र किया जाएं। विशेषकर जनवरी 2016 लेकर जनवरी 2022 तक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया लाभ का जल्द भुगतान किया जाएं।
बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके धीमान ने कहा कि कई पेंशनर 75 से 80 साल की आयु भी पूरी कर चुके हैं, लेकिन आज दिन तक रिवाइज एरियर के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों व पेंशनरों के डीए का करोड़ों रुपये बकाया दबा रखा हैं।
इसके बावजूद पेंशनरों को अपने बकाया भुगतान के लिए प्रदेश सरकार की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। जबकि प्रदेश सरकार व बोर्ड प्रबंधन की तंगहाली का खामियाजा कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा हैं। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से एरियर और डीए का एकमुश्त भुगतान करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न निगमों व बोर्डों के चेयरमैनों व वाइस चेयरमैनों के मानदेय में बढ़ोतरी करके उनकी एरियर भी दे दिया, जबकि विद्युत बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों के लंबित आर्थिक लाभ देने के लिए पैसे नही है। उन्होंने सरकार से सरकारी खर्च में पूर्व शांता कुमार सरकार की तरह कटौती लाने की मांग की।
पेंशनर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार व बोर्ड प्रबंधन द्वारा बिजली बोर्ड के परिसरों में विरोध प्रदर्शन व गेट मिटिंग पर रोक लगाने के फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि दरअसल प्रदेश सरकार बोर्ड कर्मचारियों व पेंशनरों की एकजुटता से डर गई हैं और अब उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा हैं।
इसकी बजाय सरकार पेंशनरों के पेंशन बकाया राशि, लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी की शीघ्र अदाएगी के साथ-साथ लंबित मामलों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें।

