भुट्टे इत्यादि सीजनल रेहड़ियां न लगाने का फ़ैसला ग़लत – सुरेंद्र

--Advertisement--

रेहड़ी यूनियन ने टाउन वैंडिंग कमेटी की बैठक जल्द बुलाने के लिए कम्मिशनर से की मांग

मंडी – अजय सूर्या 

सीटू से सबंधित रेहड़ी-फहड़ी यूनियन ने आज निगमायुक्त मंडी को टाउन वैंडिंग जल्द बुलाने के लिए पत्र लिखा है और जल्द बैठक बुलाने की मांग की गई है। यूनियन के प्रधान सुरेंद्र कुमार और सचिव प्रवीण कुमार ने बताया कि पिछली बैठक 5 मॉर्च को आयोजित की गई थी और उसमें लिए गए अधिकांश फ़ैसले अभी तक भी लागू नहीं किये गए हैं।

जिससे इस कमेटी के प्रति रेहड़ी धारकों की नाराज़गी है और अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो यूनियन सड़क पर उतर कर विरोध करने के लिए मजबूर होगी। इसलिये आज यूनियन ने 31अगस्त से पहले बैठक बुलाने की मांग उठाई है और पिछली बैठक के निर्णय उससे पहले लागू करने की भी मांग की है।

प्रधान सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मंडी नगर निगम क्षेत्र में रेहड़ी धारकों को गत वर्ष सिंतम्बर माह में लाईसेंस किये गए थे और उसमें कुछ बहुत पुराने रेहड़ी वाले व अन्यों को लाइसेंस जारी नहीं हो पाए थे लेकिन एक साल होने वाला है और छूट गए रेहड़ी वालों को अभी तक भी नहीं दिये गए हैं।

जिसके बारे कई बार ज्ञापन सौंपे गए हैं और प्रदर्शन किए गए और यहां तक की यूनियन द्धारा इनके ऊपर दर्ज़ करवाये मामले में हाईकोर्ट व ज़िला कोर्ट में भी निगम को अपनी फ़ज़ीहत करवानी पड़ी है। बाबजुद इसके निगम के कर्मचारी और निगमायुक्त अपनी जिम्मेदारी को पूरा नहीं कर रहे हैं।

यही नहीं रेहड़ी फहड़ी वाले निगम को तीस लाख रुपये से ज़्यादा सालाना तहबाजारी अदा करते हैं लेकिन उन्हें सुविधा के नाम पर निगम कुछ भी नहीं करती है और केवल मात्र इन्हें परेशान ही करती है। सुरेंद्र ने कहा कि हर सीज़न में जो सिजनली रेहड़ीयां जैसे आजकल मक्की की उसके बाद सर्दियो में मूंगफली की हर साल लगती है और ये प्रावधान कानून में भी है लेकिन इस सीजन में मक्की-भुट्टे की रेहड़ी लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

जिसका यूनियन विरोध कर रही है और उन्हें जल्द परमिशन देने की मांग कर रही है। गुजराती समुदाय के तीन दर्ज़न वेण्डरों कि समस्याएं दो साल से जस की तस बनी हुई है हालांकि कम्मिशनर भी पिछली साल वहां दौरा तो ज़रूर कर आये थे लेकिन सुधार आजतक कुछ भी नहीं हुआ है।

यही स्थितियों पंचवख्तर समुदाय के वेण्डरों की है जिन्हें आजतक लाइसेंस जारी नहीं किये गए हैं। इसके अलावा सकोढी पुल के पास रेहड़ी लगाने वालों को बरसात से बचने के लिए छतरियां लगाने से रोका जा रहा है और उनसे तहबाजारी नहीं ली जा रही है और फ़िर एक साथ इसका भुगतान करने में दिक्कतें आएंगी।

एक साल पहले हुए निर्णय जिसमें रेहड़ियों पर नाम पटिका बना कर देने और वैंडिंग जोनों में यलो लाईन लगाने के काम को पूरा नहीं किया गया है। टाऊन वैंडिंग कमेटी की बैठक जो दो महीने में करना कानूनी तौर पर अनिवार्य है वो छह महीने से नहीं हो रही है जिसकी सीधी जिमीवारी कम्मिशनर पर आती है।

इसलिए आज यूनियन ने 31 अगस्त तक टीवीसी की बैठक आयोजित करने,लंबित लाइसेंस जारी करने और भुट्टे वाली सीजनल रेहड़ी लगाने की जल्द अनुमति प्रदान करने की मांग उठाई है और ऐसा न होने पर 6 सिंतम्बर को यूनियन हड़ताल करेगी और निगम का घेराव करेगी।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

विदेश जाना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट की आवेदन फीस, री-इश्यू करवाना भी महंगा

हिमखबर डेस्क विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा...

Teacher Eligibility Test: हिमाचल में शिक्षकों को 31 अगस्त से पहले पास करना होगा TET

हिमखबर डेस्क हिमाचल सरकार ने इन सर्विस टीचर्स के लिए शिक्षक...

टांडा मेडिकल कॉलेज का पानी पीने लायक नहीं

हिमखबर डेस्क डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा...