अस्पतालों में टेस्ट को मिल रही लंबी तारीखें, जयराम ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कोसी प्रदेश सरकार
शिमला – नितिश पठानियां
कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में लोगों के स्वास्थ्य को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। राजधानी स्थित मैडीकल कालेज में ही एमआरआई के लिए 2-2 महीने बाद की तारीख मिल रही है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को शिमला से जारी बयान में ये आरोप लगाए।
उन्होंने कहा है कि छोटी-मोटी जांचों के लिए लोगों को एक-एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ रहा है। जब तक जांच की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक डाक्टर दवा नहीं लिख सकता है। प्रदेश के कोने-कोने से लोग आते हैं और जांच न हो पाने की वजह से बिना दवाई के वापस लौट जा रहे हैं। दूसरी बार आने में मरीज का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है। समय से इलाज न मिलने से स्वास्थ्य होने को वाला जोखिम अलग है।
2-2 महीने बाद मिल रही जांच की तारीख
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था परिवर्तन की उम्मीद प्रदेश के लोगों को सरकार से नहीं थी। जहां न अस्पतालों में जांच हो पाए और न दवाई मिले। उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि मरीजों को अस्पताल में सभी जांचों की सुविधा मिलेगी लेकिन हालत यह है कि 2-2 महीने बाद जांच की तारीख मिल रही है।
यह हाल सिर्फ एमआरआई के लिए नहीं है। सीटी स्कैन से लेकर सामान्य पैथोलॉजी की जांच के लिए भी लोगों को महीने बाद की तारीखें दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में जो व्यवस्था हमने बना रखी थी, वर्तमान सरकार उसे भी नहीं संभाल पा रही है।
सरकार के लिए शर्मनाक
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 3 दिन पहले नाहन मेडिकल काॅलेज में ऑक्सीजन सिलैंडर खत्म होने से एक महिला की दुखद मृत्यु हो गई। ऑक्सीजन खत्म होने से किसी की मृत्यु हो जाना सरकार के लिए शर्मनाक है। इस तरह की लापरवाही और संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी में पूरी दुनिया में ऑक्सीजन की कमी थी लेकिन हिमाचल में पूर्व सरकार ने इसकी कमी नहीं होने दी।
लोगों को इलाज में न आए कठिनाई, मुख्यमंत्री करें सुनिश्चित
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुनिश्चित करें कि लोगों को इलाज में कठिनाई न आए। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का ख्याल रखे, जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होती रहें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जांच और दवा के लिए लोगों को भटकना न पड़े।
बिना ऑक्सीजन मौत कैसे
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि तीन दिन पहले नाहन मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सिलेंडर ख़त्म होने से एक महिला की मौत हो गई थी। ऑक्सीजन ख़त्म होने से किसी की मौत हो जाना प्रदेश सरकार के लिए शर्मनाक हैं। कोरोना के समय प्रदेश मात्र एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट था, पूर्व सरकार में हमनें 47 नए पीएसए प्लांट लगवाए।
ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों की संख्या 120 से बढ़ाकर 3069 की वेंटिलेटर के मात्र 32 बिस्तर थे, हमने बढ़ाकर 1014 किए। इसके बाद भी प्रदेश में इस तरह की घटना बहुत चिंताजनक है।

