गुस्साए लोगों ने 1100 पर की शिकायत.
नगरोटा सुरियाँ – व्यूरो रिपोर्ट
ज्वाली हल्के के नगरोटा सूरियां पट्टी के गांव कथोली, कटोरा, सपेल, नगरोटा सूरियां, कोटला पट्टी के गांव डोल व पद्दर में विभाग की लापरवाही के कारण पेयजल संकट पैदा हो गया है।
पेयजल योजनाओं में पानी तो पर्याप्त है, लेकिन हर तीसरे दिन पंप आपरेटरों की लापरवाही से मोटरें खराब हो जाती हैं, जिस कारण विभाग को तो लाखों रुपयों की चपत लगती है और लोग भी परेशान होते हैं।
ग्रामीण नवदीप भक्कल व अमर सिंह राणा सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गर्मियां शुरू होने के बावजूद अधिकारी कार्यालय में बैठ कर पंखे की हवा ले रहे और फील्ड में कहीं भी नजर नहीं आ रहे, जबकि मंत्री चंद्र कुमार ने अधिकारियों को फील्ड में जाकर पेयजल समस्या पर नजर रख हल करने के आदेश दिए हैं।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने सपेल में अपने अभिनंदन समारोह में जलशक्ति विभाग को आदेश दिए थे कि सभी प्लंबरों को रजिस्टर देकर प्रत्येक पेयजलापूर्ति के आखिरी नल तक उपभोक्ता के परिवार से हस्ताक्षर लिए जाएं कि पानी पर्याप्त आ रहा है और उसकी रिपोर्ट मंत्री चंद्र कुमार को व्हाट्सऐप पर दी जाए।
एक सप्ताह से भी ऊपर हो गया, लेकिन जलशक्ति विभाग मंत्री के आदेशों की भी धज्जियां उड़ा रहा है। यही नहीं, चंद्र कुमार जब मंत्री बनने के बाद पहली बार नगरोटा सूरियां आए थे, तो जलशक्ति विभाग को सूखाहार नहर की मुरम्मत करने व खंड विकास कार्यालय के पास नहर पर बनी पुलिया के नीचे सफाई करने व मुरम्मत करने के आदेश दिए थे, लेकिन इन आदेशों को भी दो महीने से ज्यादा समय बीत गयाए कोई करवाई नहीं हुई।
नतीजतन अब ग्रामीणों ने तंग आकर जलशक्ति विभाग नगरोटा सूरियां की शिकायत 1100 पर की है। अब देखना यह है कि जलशक्ति विभाग गहरी नींद से उठता है या नहीं।
अधिकारी के बोल
उधर, जलशक्ति विभाग उपमंडल नगरोटा सूरियां के सहायक अभियंता ने कहा कि पेयजल योजना में खराबी आने के कारण समस्या पैदा हुई है और इसकी मुरम्मत चल रही है।
उन्होंने मंत्री के आदेशों बारे कहा कि विभाग में फील्ड कर्मियों की कमी के कारण योजना के आखिरी नल तक पेयजल पहुंच या नहीं को शुरू नहीं कर पाए हैं, लेकिन कुछ पंचायतों में फील्ड कर्मी घर-घर जाकर पेयजल आपूर्ति को देख कर रिपोर्ट दे रहे हैं।

