नूरपुर के 4 हलकों में 4 माइनिंग गार्ड, कैसे रोकेंगे अवैध खनन

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चक्की-ब्यास व सहायक खड्डों में धड़ल्ले से अवैध खनन, महज तीन इंस्पेक्टरों के सहारे बड़ा क्षेत्र, 51 स्टोन क्रशरों में से 45 हैं वर्किंग पोजीशन में।

नूरपुर – स्वर्ण राणा 

नूरपुर क्षेत्र में खनन माफिया दिन-रात खनिज संपदा को लूट कर चांदी कूट रहा है।

इसका पर्यावरण पर बुरा असर हो रहा है। अवैध खनन के प्रभावों का खामियाजा प्रभावित लोग भुगतने को मजबूर हैं।

खनन माफिया चक्की खड्ड के विभिन्न क्षेत्रों सहित ब्यास नदी की तलहटी को नोचने के साथ-साथ चक्की व ब्यास की सहायक खड्डों व नालों से भी रेत-बजरी व पत्थर निकाल कर खनिज संपदा को लूट रहा है जिससे पर्यावरण का असुंतलन हो रहा है जिसके आने वाले समय मे गंभीर परिणाम होंगे।

उधर, खनन कार्यालय नूरपुर के तहत नूरपुर, इंदौरा, फतेहपुर व जवाली विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इन क्षेत्रों में अवैध खनन के मामले उजागर होते रहते हंै परंतु खनन कार्यालय नूरपुर के तहत स्टाफ की भारी कमी के चलते अवैध खनन के मामले बढ़े हैं।

कार्यालय में एक माइनिंग ऑफिसर के अलावा चार माइनिंग गार्ड व तीन माइनिंग इंस्पेक्टर हैं जोकि काफी ना हैं। अब पर्याप्त स्टाफ के बिना अवैध खनन कैसे रुकेगा और साथ ही सरकार का राजस्व कैसे बढ़ेगा।

इस पर प्रदेश सरकार व सबंधित विभाग के आला अधिकारियों को विचार करने की जरूरत है। जानकारी के मुताबिक खनन कार्यालय नूरपुर के तहत लगभग 51 स्टोन क्रशर स्थापित हैं ।

नूरपुर हलके में 7 , इंदौरा क्षेत्र में 29, फतेहपुर क्षेत्र में 5 और जवाली क्षेत्र में 10 स्टोन क्रशर हैं। इसमें लगभग 45 स्टोन क्रशर वर्किंग पोजि़शन में हैं।

अब इन क्षेत्रों में खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नूरपुर क्षेत्र में एक माइनिंग गार्ड व एक इंस्पेक्टर है।

इंदौरा क्षेत्र में एक माइनिंग गार्ड व एक इंस्पेक्टर है,फतेहपुर क्षेत्र में एक गार्ड ही है। ज्वली विधानसभा क्षेत्र के लिए एक माइनिंग गार्ड व एक इंस्पेक्टर है।

अब ऐसी स्थिति में खनन माफिया पर सटीक कार्यवाही कैसे हो यह सवालिया निशान है।

नूरपुर क्षेत्र में खन्नी,मैरा, बटराह, परगना,बाड़ी खड्ड, ढांगू, माजरा, डमटाल, इंदौरा, छौंछ खड्ड, मंड क्षेत्र, रियाली, फतेहपुर, बूहल खड्ड, देहर खड्ड, हरियां, कोटला समेत विभिन्न स्थानों पर अवैध खनन होता है।

जिस कारण इन क्षेत्रों में भू कटाव ,भूस्खलन ,जलस्तर गिरावट काफी के प्रभाव होते हैं। इनका प्रभाव पड़ता है।

फील्ड स्टाफ की सुरक्षा अति आवश्यक

उधर, सरकार को नूरपुर खनन कार्यालय में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाना चाहिए। फील्ड स्टाफ की सुरक्षा बारे भी उचित कदम उठाने आवश्यक हैं।

इससे अवैध खनन को अंजाम देने वाले खनन माफिया के बढ़ते कदमों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। साथ ही सरकार के राजस्व में बढ़ौतरी हो सके। माफिया पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

क्या कहते हैं विभाग के निदेशक राकेश कुमार प्रजापति

खनन कार्यालय नूरपुर में स्टाफ की कमी बारे उद्योग विभाग के निदेशक राकेश कुमार प्रजापति ने बताया कि माइनिंग इंस्पेक्टर व माइनिंग गार्ड के रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सरकार से माइनिंग विभाग में पद बढ़ाए जाने का आग्रह भी किया है।

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