हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिले में लोगों को जल्द ही बड़ी सुविधा मिलने वाली है। 120 मिनट की यात्रा महज 15 मिनट में पूरी होगी और इसी महीने से मखमली सफर शुरू होने की उम्मीद है।
हिमखबर डेस्क
मटौर-शिमला फोरलेन परियोजना के तहत रियूंद पुल का निर्माण कार्य 30 सितंबर से पहले कर लिया जाएगा। पुल की अप्रोच रोड का कार्य अंतिम चरण में है।
इसके पूरा होने के बाद सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा और फिर पुल को यातायात के लिए दोनों तरफ से खोल दिया जाएगा। रियूंद पुल के शुरू होने से कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने वाली है।
वर्तमान में कछियारी से रानीताल तक पहुंचने में लगभग 120 मिनट का समय लगता है, जबकि फोरलेन और पुल के शुरू होने के बाद यह दूरी करीब 15 मिनट में तय होने की उम्मीद है।
इससे लोगों का समय बचेगा और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। फोरलेन परियोजना के इस हिस्से के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सडक़ संपर्क मिलेगा।
इससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ होम स्टे, होटल, दुकानदारों और अन्य छोटे कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक नगरी कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को भी इससे बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, फोरलेन शुरू होने के बाद कांगड़ा से जुडऩे वाले संपर्क मार्गों पर यातायात का दबाव बढऩे की संभावना भी जताई जा रही है।
विशेष कर गुप्त गंगा मार्ग पर यातायात का दबाव बढऩे से पहले इस सडक़ को मजबूती से दुरुस्त करना होगा।
अधिकारियों के अनुसार फोरलेन शुरू होने के बाद इन लिंक रोड से दूरी करीब तीन किलोमीटर रह जाएगी। छोटे वाहन इन मार्गों का अधिक इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति पैदा हो सकती है।
दूसरा वाहन चालकों को अब फोरलेन पर और भी सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। बाकी टोल नाकों की तरह घट्टा (तकीपुर) टोल प्लाजा पर भी एनएचएआई ने सैंसर युक्त हाईटेक कैमरे लगा दिए हैं।
अब यहां सिर्फ टोल ही नहीं कटेगा, बल्कि इन कैमरों की मदद से वाहन का नंबर स्कैन होगा और मोटर वाहन बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी), फिटनेस प्रमाण पत्र या वाहन टैक्स एवं परमिट आदि किसी भी समाप्त वैधता का चालान स्वत हो जाएगा।
इसके साथ-साथ हेलमेट, सीट बेल्ट आदि अन्य जरूरी नियमों पर भी नजर रखी जाएगी। यानी फोरलेन सडक़ पर वाहन चालकों को सतर्क रहना होगा।
30 सितंबर से पहले खुलेगा फोरलेन
प्रोजेक्ट डायरेक्टर राकेश यादव के अनुसार रियूंद पुल तैयार हो चुका है। पुल की अप्रोच का कार्य चल रहा है, जिसे 30 सितंबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
इसके बाद पुल का सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा और परीक्षण सफल रहने पर इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस माह के अंत तक पुल से यातायात बहाल होने की उम्मीद है।
कांगड़ा-हमीरपुर पैच को पूरी तरह तैयार करने के लिए 30 दिसंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। रियूंद पुल के शुरू होने से क्षेत्र में आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाएं भी खुलने की उम्मीद है।

