हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का सपना अब तेजी से हकीकत में बदलने की ओर अग्रसर है। विस्थापितों के पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन (आर एंड आर) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रशासन ने सात मुहालों में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।
इस अहम पड़ाव के पार होने के साथ ही तय हो गया है कि आने वाले दिनों में एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का काम भारी तेजी पकडऩे वाला है। विस्तारीकरण प्रक्रिया के तहत अब भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का खाका पूरी तरह से स्पष्ट होने लगा है।
प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, जहां एक तरफ सात मुहालों में आर एंड आर देने का काम मुकम्मल कर लिया गया है, वहीं बचे हुए अन्य सात मुहालों में भी इस योजना को अंतिम रूप देने पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
जैसे ही इन शेष सात मुहालों में आर एंड आर की प्रक्रिया पूरी होगी, सरकार तुरंत प्रभावित भूमि पर अपना कब्जा (पोजीशन) लेने की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर देगी। जमीन पर पोजीशन लेने का काम शुरू होते ही कांगड़ा एयरपोर्ट के रनवे विस्तार और अन्य ढांचागत निर्माण कार्य धरातल पर दिखने लगेंगे।
लंबे समय से इस प्रोजेक्ट के गति पकडऩे का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि यह विस्तार न केवल कांगड़ा घाटी में हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।
बहुत जरूरी है विस्तार
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार सुरक्षा एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से भूमि संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पोजेशन लेकर केंद्रीय नागररिक उड्डयन मंत्रालय को आगामी कार्रवाई के लिए भूमि सौंप दी जाएगी।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक विनय धीमान का कहना है कि प्रभावितों को आर एंड आर देने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। सात मुहालों का काम पूरा कर लिया गया है और शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

