शहीद स्मारक में चीड़ के पेड़ों को काटकर रखी लकडिय़ां, जरा-सी चिंगारी पैदा कर सकती भयंकर हादसा

--Advertisement--

Image

धर्मशाला-राजीव जस्वाल

शहीद स्मारक धर्मशाला में वन विभाग और प्रशासन के लेटलतीफी रवैये से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले काफी लंबे समय से शहीद स्मारक में चीड़ के पेड़ों को काटकर लकडिय़ां रखी गई हैं, लेकिन करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी इन लकडिय़ों को हटाया नहीं गया है। ऐसे में शहीद स्मारक में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। चीड़ की लकडिय़ों में जरा-सी चिंगारी लग जाने पर भी भयंकर हादसा हो सकता है, लेकिन विभाग इसकी कोई सुध नहीं ले रहा है। विभाग के सुस्त रवैये के कारण यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

शहीद स्मारक संस्था के अधिकारियों का कहना है कि पिछले काफी लंबे समय से वन विभाग के अधिकारियों को इस बारे में पत्र लिख चुके हैं। इसके अलावा भी कई बार इसे लेकर विभाग से निवदेन कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें विभाग की इन लकडिय़ों को हटाने की परमिशन नहीं मिल रही है। ऐसे में शहीद स्मारक में पड़ी इन लकडिय़ों से जहां इसकी खूबसूरती खराब हो रही हैं, वहीं बड़ा हादसा होने का भी खतरा मंडरा रहा है।

शहीद स्मारक संस्था के अधिकारियों ने बार-बार इस बात की चिंता जताई कि शहीद स्मारक प्रशासन और विभागों की अनदेखी का शिकार हो रहा है। यह प्रदेश का एकमात्र राज्य शहीद स्मारक है। अब तक विभिन्न युद्धों में देश के लिए शहीद हो चुके हिमाचल के 1361 शहीदों के लिए यह स्मारक समर्पित है।

लेकिन इसे कहीं से भी कोई तवज्जो नहीं मिल रही है। न तो विभागीय अधिकारी और न ही अन्य जनप्रतिनिधि इसकी ओर कोई ध्यान दे रहे हैं। उन्हें कई बार विभाागों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार अधिकारियों के सामने रिक्वेस्ट करनी पड़ती है। इसके बाद ही कोई काम हो पाता है।

विभाग नहीं ले रहा सुध

ऐसे में शहीद स्मारक में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। चीड़ की लकडिय़ों में जरा-सी चिंगारी लग जाने पर भी भयंकर हादसा हो सकता है, लेकिन विभाग इसकी कोई सुध नहीं ले रहा है। विभाग के सुस्त रवैये के कारण यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। शहीद स्मारक संस्था के अधिकारियों का कहना है कि पिछले काफी लंबे समय से वन विभाग के अधिकारियों को इस बारे में पत्र लिख चुके हैं।

शहरी स्मारक संस्था के प्रेजिडेंट के बोल

शहीद स्मारक संस्था के प्रेजिडेंट केएस डढवाल ने कहा कि पिछले काफी लंबे समय से यह लकडिय़ां शहीद स्मारक में पड़ी हुई हैं। इसे हटाने के लिए वन विभाग को कई बार पत्र लिख चुके हैं। इसके बावजूद कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन्हें हटाने के लिए वन विभाग से परमिशन भी मांगी गई थी, लेकिन उन्हें परमिशन भी नहीं दी जा रही है। चीड़ की लकडिय़ों से हमेशा बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।

वहीं, हर रोज सैकड़ों की संख्या में पर्यटक रोजाना शहीद स्मारक का रुख करते हैं। ऐसे में लंबे समय से पड़ी इन लकडिय़ों से पर्यटकों में भी गलत संदेश जा रहा है। स्मारक की खूबसूरती भी खराब हो रही है। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इन लकडिय़ों को स्मारक से हटाया जाए।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

19 जनवरी को शाहपुर और दरीणी सब स्टेशन के तहत बिजली बंद

शाहपुर, 18 जून - नितीश पठानियां  विद्युत उपमंडल शाहपुर के...