मामला अर्जेंट बताते हुए अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार को भेजा नोटिस, आज होगी सुनवाई
हिमखबर डेस्क
सोनम वांगचुक का अनशन खत्म कराने के लिए दायर जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। 18 दिनों से अनशन कर रहे वांगचुक के मामले को ‘अर्जेंट’ बताते हुए चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बैंच ने केंद्र और दिल्ली सरकार से गुरुवार सुबह तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
याचिकाकर्ता एडवोकेट राकेश कुमार सैनी ने कहा है कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। एक सामाजिक कार्यकर्ता जो अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं और एक तरह से पूरे देश के सामने अपनी जान दे रहे हैं।
सैनी ने अदालत से केंद्र और राज्य सरकार को यह निर्देश देने को कहा कि वांगचुक को तुरंत अस्पताल में शिफ्ट किया जाए और उन्हें जरूरी इलाज मुहैया कराया जाए और अनशन खत्म कराया जाए। इस पर अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ है।
हम याचिका का संज्ञान ले रहे हैं। हम इस मामले की गुरुवार को ही सुनवाई करेंगे और केंद्र सरकार से जवाब लेने की आवश्यकता है। अदालत ने आदेश की एक प्रति संबंधित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और दिल्ली सरकार के वकील को देने का निर्देश दिया।
दो दिन जारी रहा अनशन, तो हो सकती है मौत
नीट पेपर लीक की वजह से कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। सोनम वांगचुक ने इसी मंच पर 28 जून से अनशन की शुरुआत की थी। 18 दिन बाद उनका वजन करीब साढ़े आठ किलो कम हो चुका है।
वह सहारा देने के बाद भी बहुत मुश्किल से नित्यकर्म के लिए जा पा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दो दिन तक अनशन नहीं तुड़वाया गया, तो उनकी मौत भी सकती है।

