हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में बुधवार शाम को एचएचआरटीसी बस हादसे में कंडक्टर समेत दो लोगों की मौत हो गई और 22 लोग घायल हैं।
इस हादसे के बाद गुरुवार को एचआरटीसी प्रशासन ने इसी रूट पर जो बस भेजी, उसके इंजन से भी धुआं निकलने लगा और आग लगने की आशंका के चलते बस में अफरातफरी मच गई। इस दौरान चालक ने बस रोकी और फिर यात्रियों को नीचे उतारा।
रामपुर से भाजपा प्रत्याशी रहे और नेता कौल सिंह नेगी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रामपुर डिपो की सरकारी बसों का बार-बार बीच रास्ते में हांफ जाना अब आम बात हो गई है।
आज सुबह रामपुर- बाघी रूट पर जा रही बस बीच सड़क पर आधे रास्ते में ही हांफ गई और उसमें अन्य लोग और स्कूल के बच्चे भी सफर कर रहे थे। ये उसी रूट होकर जा रही बस है कि जहां कल एक दर्दनाक दुखद हादसा पेश आया था।
रामपुर डिपो की अधिकांश बसों की हालत दयनीय है औऱ ऐसी खटारा बसों को रूट पर भेजना सीधे-सीधे यात्रियों की जान से खिलवाड़ है।नेगी ने कहा कि हमने जून महीने में रामपुर डिपो के बाहर “जनता की सुरक्षा के दृष्टिगत खटारा बसों की स्थिति ” को लेकर सांकेतिक धरना दिया था।
पूर्व में मीडिया के माध्यम से भी कई बार सरकार और अधिकारियों को आगाह किया गया, लेकिन सरकार का उदासीन रवैया इस कदर है कि वो इस अव्यवस्था को सुधारना ही नहीं चाहती और जनता की सुरक्षा को लेकर वो बिल्कुल गंभीर नहीं है।
नेगी ने कहा कि हमारा एक बार फिर से अनुरोध है कि खटारा बसों को बिल्कुल भी किसी भी रूट पर ना भेजा जाये,और अन्य बसों को भेजने से पहले उनकी पूरी तकनीकी जांच हो,ये अति आवश्यक है।
मौके से आए एक वीडियो में शख्स कहता दिख रहा है कि इंजन से धुआं निकल रहा है और अब बस में सवार स्कूली बच्ची और अन्य यात्री परेशान हो रहे हैं। गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी की खस्ता बसों को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं।

