रुचि मसाले मार्क उपयोग करने से दिल्ली हाईकोर्ट ने एम एमडी ग्लोबल फूड्स बद्दी पर लगाई रोक

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दिल्ली हाई कोर्ट ने मैसेंजर क्वालिटी फूड प्रोडक्ट्स के पक्ष में अंतरिम आदेश किया पारित

सोलन – रजनीश ठाकुर

बद्दी में मैसेंजर क्वालिटी फूड प्रोडक्ट की याचिका सुनवाई करने के बाद एक महत्वपूर्ण आदेश में दिल्ली उच्च न्यायालय ने एमएमडी ग्लोबल बद्दी प्रतिवादी अनिल सिंगला उर्फ अनिल कुमार और अन्य उनके मालिक, सहयोगी, फ्रेंचाइजी, नौकर, एजेंट ,वितरक प्रतिनिधि ,और प्रतिबदियों, के लिए या उनकी ओर से काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को रुचि मार्क या उसके सामान किसी भी तरह के उपयोग करने से रोका जाता है.

माननीय दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि रुचि, रुचि तक ही यह आदेश सीमित नहीं बल्कि किसी भी तरह से किसी भी मार्क का उपयोग करने से दूसरी पार्टी को रोका जाता है. जिसमें उत्पादन पैकेजिंग स्टेशनरी विज्ञापन सामग्री, वेबसाइट, डोमेन नाम ,सोशल मीडिया आदि शामिल है.

जिसके उत्पत्ति या संगठन के अनुसार रुचि नाम के ट्रेड मार्क को पास करना या उसे कमजोर करना आदि, आदेश पारित करते हुए उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने कहा कि पक्ष की ओर से की गई दलील और वकील की सुनवाई के बाद दिल्ली हाई कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि की अपने पक्ष में प्रथम दृष्टि या मामला बनाने में सक्षम है सुविधा का संतुलन बाधी के पक्ष में और प्रतिवादी के खिलाफ है.

यदि पक्ष के हक में अगर अंतिम आदेश नहीं दिए जाते हैं तो पक्ष को भारी क्षति और नुक्सान होने की संभावना है. उच्च न्यायालय ने प्रतिवादी अनिल सिंगला उर्फ़ अनिल कुमार एवं अन्य एमडी ग्लोबल को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का नोटिस भी जारी किया.

अगली तारीख 7 नवंबर 2024 को तय की गई पक्ष की और से उपस्थित वकील ने उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया की पक्ष ने 1979 में रुचि शब्द चिन्ह अपनाया था, जिससे पहले पक्ष ही रुचि शब्द का प्रयोग कर सकता है.

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