
प्रदेश के इतिहास में अब तक नहीं बन पाई कोई महिला मुख्यमंत्री, महिला प्रत्याशियों पर भी कम ही भरोसा जताते रहे हिमाचली
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
धर्मशाला के तपोवन विधानसभा सत्र में चार जनवरी को 1977 का इतिहास दोहराकर दूसरी बार एकमात्र महिला विधायक ने शपथ ग्रहण की है। सिरमौर जिला की पच्छाद विधानसभा सीट पर रीना कश्यप विधानसभा में पहुंचकर शपथ ग्रहण करने वाली इकलौती महिला विधायक हैं।
उनके शपथ लेने पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों ने तालियां बजाकर उनका अभिनंदन किया। आजादी के 75 वर्ष बाद हिमाचल प्रदेश में अब तक 14 बार विधानसभा चुनाव हो चुके है। हिमाचल में एक बार फिर से 1977 का इतिहास दोहराया गया है, जब विधानसभा चुनावों पर उतरी कुल 24 महिलाओं में से मात्र एक ही महिला विधायक चुनी गई हो।
इतना ही नहीं, अब तक पहाड़ी क्षेत्र में महिला विधायक चुनने में भी हिमाचलियों ने अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई है। हिमाचल में कोई भी राजनीतिक पार्टी अभी तक महिला मुख्यमंत्री बना पाने में सफल नहीं हुई है। 75 वर्ष आजादी के गुजर जाने के बाद भी राजनीति में हिमाचल की महिलाओं की भागीदारी केवल चार प्रतिशत ही है।
इस बार विधानसभा चुनावों में महिलाओं की भागीदारी और ज्यादा गिर गई है। भारत में महिलाओं के लिए चुनावों में सीटें आरक्षित करने का प्रावधान नहीं है। हिमाचल प्रदेश में अब तक राज्य के कुल 875 विधायक चुने गए, लेकिन महिलाओं के हिस्से मात्र 39 बार ही विधायक की कुर्सी हाथ आई है।
विधानसभा चुनावों में कई बार भाजपा ने अधिक महिला उम्मीदवार उतारीं, लेकिन अधिक सफलता हाथ नहीं लग पाई है। हिमाचल के इतिहास में विधानपालिका में महिलाओं की भागीदारी की शुरुआत वर्ष 1967 को हुई थी। इसमें कुल 267 उम्मीदवारों में से दो महिलाओं ने भी हुंकार भरी थी, लेकिन दोनों ही महिलाओं को हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि तीसरी विधानसभा चुनाव 1972 में राज्य को पहली महिला विधायक के रूप में विद्या स्टोक्स ने जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। चार विधायकों ने विधानसभा में पहुंचकर अपने नाम का लोहा मनवाया था। 2017 में कुल 19 महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था, जिसमें मात्र चार ही विधानसभा पहुंची थीं।
इनमें एक 2019 के उपचुनाव में महिला विजेता रही है। वर्ष 1985 के बाद कांग्रेस टिकट से चुनाव लड़ी कोई न कोई विधायक विधानसभा में पहुंची है, जबकि भाजपा से 1985 में दो उम्मीदवारों की हार, 1993 में पांच मैदान में उतरीं सभी हारीं, 2003 में 16 उम्मीदवारों में सभी हारीं, 2012 में 18 में से एक ने चुनाव जीता, जबकि 2017 में नौ में से तीन ने चुनाव जीता था।
1967 से 2022 तक महिला विधायक
वर्ष उम्मीदवार जीती
1967 दो 00
1972 सात चार
1977 नौ एक
1982 नौ तीन
1985 10 तीन
1990 18 चार
1993 15 तीन
1998 25 छह
2003 31 चार
2007 22 तीन
2012 34 तीन
2017 19 चार
2022 24 एक
