पश्चिम बंगाल में भड़की हिंसा पर विपन नेहरिया बाेले, राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र विकल्प

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धर्मशाला, राजीव जस्वाल

भारतीय जनता पार्टी जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विपन नेहरिया ने कहा पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार के संरक्षण में हो रही हिंसा के तांडव को रोकने के लिए वहां राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र विकल्प रह गया है।

एक बयान में नैहरिया ने कहा कि दो मई को पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों में तृणमूल कांग्रेस की जीत के बाद ही तृणमूल सरकार के संरक्षण में गुंडों द्वारा हिंसा का तांडव और खून की होली खेलकर जीत का जश्न मनाया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में अब तक हुई हिंसा की घटनाओं में कई भाजपा कार्यकर्ताओं की जान जा चुकी है। कई जगहों पर भाजपा के जिला व स्थानीय कार्यालयों को आग के हवाले किया गया।

उन्होंने कहा कि हालांकि पश्चिमी बंगाल में हो रही हिंसा के खिलाफ और वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को लेकर बीते पांच मई को भाजपा ने देश के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजे हैं।

उनका कहना है कि ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में पश्चिमी बंगाल में अब तक 140 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या हो चुकी है, लेकिन राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाकर इन हिंसक घटनाओं को रोका जा सकता हैै।

भाजपा नेता ने पश्चिमी बंगाल हिंसा पर कांगे्रस और वामपंथी दलों की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे इन दलों की चुप्पी से स्पष्ट है कि वह भी ममता सरकार और बांग्लादेश घुसपैठियों के समर्थन में खड़े हैं।

उन्होंने प्रदेश भाजपा जनजाति मोर्चा की तरफ से ऐसे लोगों को बेनकाब करने के लिए हिंसक घटनाओं की केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की है।

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