
काँगड़ा – राजीव जस्वाल
2016 में डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा में आंखों का आपरेशन करवाने के बाद चार लोगों की आंखों की रोशनी चले जाने मामले को लेकर शनिवार को उपभोक्ता आयोग की अदालत फैसला सुनाएगी।
केस को लेकर दोनों की पक्षों की ओर से जरूरी दस्तावेज एवं गवाह पेश किए जा चुके हैं, जबकि आयोग के सदस्यों ने भी अपने स्तर पर मामले की छानबीन कर ली है, अब शनिवार को मामले को लेकर फैसला सुनाया जाएगा।
उपभोक्ता संरक्षण आयोग कांगड़ा की अदालत में अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा, सदस्य नारायण ठाकुर व आरती सूद शामिल होंगे।
जानकारी के मुताबिक केस को लेकर उपमंडल फतेहपुर व जवाली से संबंध रखने वाले इच्छया देवी, गीता देवी, त्रिलोक चंद व शशि पाल ने इस संबंध में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है।
जिसमें उन्होंने उनकी आंखों की रोशनी जाने के लिए टांडा प्रशासन और आपरेशन के दौरान मौजूद डाक्टरों पर 15-15 लाख रुपये जुर्माने का दावा किया है।
जानकारी के मुताबिक जब इन लोगों को आपरेशन हुआ था, उस समय टांडा के आपरेशन थियेटर में डाक्टरों की छह लोगों की टीम शामिल थी। मरीजों के मौखिक आरोप और पेश किए गए दस्तावेज के अलावा रोटरी आइ अस्पताल मारंडा और पीजीआइ की रिपोर्ट की मुताबिक डाक्टरों की लापरवाही के कारण मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी।
यह था मामला
14 दिसंबर 2016 को जिला कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से पांच मरीजों ने टांडा मेडिकल कालेज में अपनी आंखों का आपरेशन करवाया और अगले दिन यानी 15 दिसंबर को चार मरीजों को छुट्टी दी गई।
आपरेशन के बाद उन्हें जो दवाई आंख में डालने के लिए दी गई थी उसे डालते ही आंखों में जलन शुरू हो गई। 16 दिसंबर को एक मरीज की आंख में संक्रमण पाया गया। सभी मरीजों को वापस अस्पताल बुलाया गया।
सभी की आंखो में संक्रमण था, इन्हें बेहतर उपचार के लिए टांडा से पीजीआइ रेफर किया गया। इनमें से तीन मरीज रोटरी आई हास्पिटल मारंडा (पालमपुर) तथा दो मरीज पीजीआइ भेजे गए।
इसमें एक मरीज की आंखों की रोशनी थोड़ी लौट आई थी, लेकिन चार मरीजों की आंखों की रोशनी नहीं लौट पाई।
