चहेतों को टेंडर देने वाले 10 अफसरों को हिमाचल सरकार ने दी क्लीन चिट

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शिमला – जसपाल ठाकुर

हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में सी और डी क्लास के टेंडर ए क्लास के ठेकेदारों को देने के मामले में फंसे अधिकारियों को सरकार ने क्लीन चिट दे दी है। जांच कमेटी ने पाया कि मामले में कोई वित्तीय अनियमितताएं नहीं पाई गई हैं। इन्हें चेतावनी देकर बहाल किया गया है।

ये सभी अधिकारी अधिशासी और सहायक अभियंता पद पर तैनात हैं। हालांकि, इनमें कुछ अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो गए थे, लेकिन चार्जशीट होने के कारण इनके वित्तीय लाभ रोके गए थे। लोक निर्माण विभाग का मानना है कि सी क्लास के ठेकेदारों के टेंडर में भाग न लेने से ये टेंडर ए क्लास के ठेकेदारों को दिए गए। इन अधिकारियों पर 200 करोड़ रुपये के काम ए क्लास के ठेकेदारों से करवाने का आरोप था।

आरोप थे कि इन अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार और पद का दुरुपयोग करते हुए ए क्लास के ठेकेदारों को काम आवंटित कर दिए।नियमों के मुताबिक ए क्लास के ठेकेदार पुल और भवनों का निर्माण कर सकते हैं, लेकिन ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए डंगे, नालियों के निर्माण संबंधित कार्य आवंटित किए गए।

विभागीय जांच के चलते इन्हें चार्जशीट किया गया। सरकार को ये भी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ नेता चहेते ठेकेदारों को काम देने के लिए अधिशासी और सहायक अभियंता पर दबाव बनाते हैं। तमाम तरह की शिकायतों के बीच सरकार ने इनके खिलाफ जांच बैठाई थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद इन्हें बहाल किया गया है।

लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि जांच रिपोर्ट में कोई वित्तीय अनियमितताएं नहीं पाई गई हैं। चेतावनी देकर इन्हें बहाल किया गया है।

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