कोड आफ कंडक्ट के बाद भी वेबसाइट पर कायम सरकार

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कोड आफ कंडक्ट के बाद भी वेबसाइट पर कायम सरकार, कैप्टन जेएम पठानिया ने पकड़ी सिस्टम की चूक, चीफ इलेक्ट्रोल आफिसर मनीष गर्ग को भेजी पाती, कुल 16 सरकारी विभागों, बोर्डों व निगमों के वेब पोर्टल का दिया हवाला, मसला उठने के बाद कई वेबसाइट से हटाए गए नेताओं के फोटोग्राफ।

धर्मशाला – राजीव जसबाल 

विधानसभा चुनावों के लिए हिमाचल में 14 अक्टूबर को माडल कोड आफ कंडक्ट लागू हो गया है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी सरकारी वेबसाइट से नेताओं के फोटोज व वीडियो आदि हटाने होते हैं, लेकिन हिमाचल में अभी तक कई सरकारी साइट्स से नेताओं के फोटो नहीं हटाए गए हैं।

सिस्टम की इस चूक को रिटायर्ड आईएएस कैप्टन जेएम पठानिया ने पकड़ा है। उन्होंने कुल 16 विभागों, बोर्डों व निगमों से जुड़ी वेबसाइट्स पर पाया कि अभी तक नेताओं के फोटोज नहीं हटाए गए हैं।

इस पर पठानिया ने चीफ इलेक्ट्रोल आफिसर मनीष गर्ग को इन विभागों, बोर्डों व निगमों के नाम व यूआरएल लिंक भेज दिए हैं।

कैप्टन का कहना है कि माडल कोड आफ कंडक्ट लागू होने के बाद साइट्स से फोटोज तुरंत हटने चाहिएं, नहीं तो इसे प्रचार ही माना जाता है।

उन्होंने कहा कि इन विभागों, बोर्डों व निगमों को चला रहे लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे तुरंत इन फोटोज को या तो रिमूव कर दें या फिर हाइड कर दें।

फिलहाल पठानिया ने इस बारे में सीईओ हिमाचल मनीष गर्ग को इस बारे में शिकायत कर दी है।

कई साइट्स से हटे फोटोज

कैप्टन जेएम पठानिया ने जिन विभागों की साइट्स का जिक्र किया है, उनके सीएम रिलीफ फंड सबसे प्रमुख है।

इसके बाद हिमफैड, हिमऊर्जा, रेरा, स्टेट कमीशन फोर बैकवार्ड क्लासेज, एचपी स्टेट कमीशन फोर वूमन, प्लानिंग, केसीसीबी, पब्लिक रिलेशन,ट्रांसपोर्ट विभाग, टीसीपी, एचआरटीसी,सिविल सप्लाई कारपोरेशन, एचपीएसईबी, एचपी स्टेट को-आपरेटिव बैंक शामिल है।

पठानिया की ओर से मसला उठाए जाने के बाद कई विभागों, बोर्डों व निगमों की साइट्स से नेताओं के फोटो हटा लिए गए हैं।

हालांकि खबर लिखे जाने तक सीएम रिलीफ फंड, हिमफैड, रेरा, एचपी स्टेट कमीशन फोर वूमन की साइट पर फोटोज नजर आ रहे थे। पठानिया ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही वहां भी सुधार हो जाएगा।

आचार संहिता के खास नियम

सरकारी बंगले का इस्तेमाल भी नेता नहीं कर सकेंगे। मंत्री विधायकों को सरकारी बंगले छोडऩे होंगे।

अब जयराम ठाकुर सरकार किसी भी तरह का शिलान्यास व लोकार्पण नहीं कर सकेगी।

चुनावी रैली व कार्यक्रम के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी।

किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांग सकेंगे।

सरकार को प्रचार सामग्री तुरंत हटानी होगी। सरकारी कार्यालयों से भी कैंलेंडर सहित अन्य होर्डिंग्स व फ्लैक्स आदि हटाने होंगे।

सरकारी विभागों में भर्तियों पर भी रोक रहेगी। जिन भर्तियों के संबंध में अधिसूचना जारी हो गई है, चुनाव आयोग की अनुमति के बाद उनकी प्रक्रिया जारी रहेगी। लेकिन नए सिरे से भर्ती नहीं जा सकेंगी।

तबादलों पर रोक रहेगी।

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