कांग्रेस में हर नेता मुखिया बनने की कोशिश में, सुर्खियां बटोरने के लिए सदन से वाकआउट करता रहा विपक्ष

--Advertisement--

Image

काँगड़ा- राजीव जस्वाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेसी विधायक कभी बाहर, तो कभी अंदर आने में ही लगे रहे, ताकि अखबारों में उनकी खबरें छपती रहें। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के निधन के बाद हर कोई पार्टी का मुखिया बनने का प्रयास कर रहा है। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांगड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं था। इसके बाबजूद वे जिस प्रकार लोकसभा व राज्यसभा सत्र को नहीं चलने दे रहे थे, उसी तरह का माहौल हिमाचल में भी बनाने की कोशिश की गई, परंतु हमने उनके सभी प्रश्नों के उत्तर दिए तथा हर मुद्दे पर चर्चा भी की। जयराम ठाकुर ने कहा कि उनके कार्यकाल के साढ़े तीन साल पूर्ण होने के दौरान कोविड के कठिन दौर के गुजरने के बाबजूद हर वर्ग के लोगों ने उनका बहुत सहयोग दिया।

उन्होंने कहा कि इस मौके पर कांग्रेस पार्टी द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाया, जो कि हास्यस्पद रहा क्योंकि उन्होंने विधानसभा में भी ऐसी कोई चर्चा नहीं की, जबकि इसके लिए 14 दिन पूर्व सत्र में प्रस्ताव देना होता है। उन्होंने प्रदेश में होने वाले उपचुनावों को लेकर कहा कि यह इतिहास में पहली बार हो रहा है कि एक विधानसभा और एक लोकसभा के चुनाव एक साथ हो रहे हैं।

इस मौके पर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यपए भाजपा संगठन मंत्री पवन राणा, मंत्री सरवीण चौधरी, विशाल नैहरिया, संजय चौधरी, सुरेंद्र चौधरी, होशियार सिंह, रमेश बराड़, मनीष शर्मा, वीरेंद्र कुमार, उत्तम चौधरी व मीडिया को-ऑर्डिनेटर विश्वचक्षु इत्यादि उपस्थित थे।

शांता जी वही कहते हैं, जो उन्हें ठीक लगता है

शांता कुमार पार्टी के खिलाफ अपनी ब्यानबाजी करने पर उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं के बारे में उन्हें कुछ नहीं कहना। उन्हें जो भी उचित लगता है, वह कहते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ रहे कोविड के मामलों को देखते हुए चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में हमने स्कूलों को खोलने का प्रयास किया था, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर 22 अगस्त तक स्कूल बंद करने पड़े।

इसी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने के लिए कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर में टांडा मेडिकल कालेज में डायलिसिस न होना उनके ध्यान में है, जिसके लिए उन्होंने विभाग को यहां पर डाक्टर उपलब्ध करवाने के लिए दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। यहां नई सीटी स्कैन मशीन लगाने के आदेश भी दिए गए हैं।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

विदेश जाना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट की आवेदन फीस, री-इश्यू करवाना भी महंगा

हिमखबर डेस्क विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा...

Teacher Eligibility Test: हिमाचल में शिक्षकों को 31 अगस्त से पहले पास करना होगा TET

हिमखबर डेस्क हिमाचल सरकार ने इन सर्विस टीचर्स के लिए शिक्षक...

टांडा मेडिकल कॉलेज का पानी पीने लायक नहीं

हिमखबर डेस्क डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा...