
भारतीय मजदूर संघ (भामसं) के प्रतिमंडल ने सोमवार को अपनी चार प्रस्तावित मांगों के समर्थन में जिला उपाध्यक्ष रंजीत सिंह चौहान के नेतृत्व में एसडीएम अभिषेक वर्मा कांगड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। सरकार से चार प्रस्तावित मांगों को समर्थन देने की मांग रखी है।
काँगड़ा, राजीव जस्वाल
भारतीय मजदूर संघ (भामसं) के प्रतिमंडल ने सोमवार को अपनी चार प्रस्तावित मांगों के समर्थन में जिला उपाध्यक्ष रंजीत सिंह चौहान के नेतृत्व में एसडीएम अभिषेक वर्मा कांगड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। इस अवसर पर भामसं की तरफ से सरिता, मीना, सुनीता सोनी, सुनीता कुमारी, सीमा, सुमंगला, सुलिंद्रा, कुसुमलता, संतोष, राकेश, अमन, राजेश, सुरजीत, पवन, अशोक, सन्नी, अंकू व राकेश वालिया मौजूद रहे।
भारतीय मजदूर संघ ने ज्ञापन के जरिये सरकार से चार प्रस्तावित मांगों को समर्थन देने की मांग रखी है कि प्रदेश में मजदूरी निर्धारण का कोई मापदंड नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने न्यूनतम मजदूरी 18 हजार रुपये करने की मांग करते हुए कहा कि उसको मंहगाई भत्ते, खतरा भत्ता और पिछड़ा भत्ते के साथ जोड़ा जाये। भामसं ने मई 2003 के बाद सभी कर्मचारियों को पुरानी पैंशन योजना के तहत लाने की मांग बुलंद की है ताकि परिवार का भविष्य सुरक्षित रहे।
भामसं ने प्रदेश में नियमतिकरण नीति को प्रभावी बनाने पर जोर दिया है जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, सिलाई अध्यापिका, राजस्व अंशकालीन कर्मचारी, मिड डे मील कर्मचारी, परिवहन निगम के पीसमील वर्कर तथा आउट सोर्स वर्करों को नियमित करने की गुहार लगाई है।
प्रतिनिधिमंडल ने आगे कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त किया जाए तथा मिड-डे मील कर्मचारियों की छंटनी के लिए निर्धारित 25 बच्चों की शर्त को समाप्त किया जाए. उन्होंने बोर्डो और निगमों में कर्मचारियों की पेंशन बहाली की मांग भी रखी उन्होंने कहा कि कर्मचारियों कि 1999 से जारी पेंशन योजना को बहाल किया जाए।
इस पर एसडीएम कांगड़ा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों का ज्ञापन सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
