चंबा के सिहुंता में महज 15 माह के बच्चे ने विलोम शब्द बताकर अनोखी उपलब्धि हासिल की है। बच्चे की प्रतिभा को World Records India ने रिकॉर्ड में दर्ज किया।
चम्बा – भूषण गुरुंग
उम्र महज 15 माह लेकिन याददाश्त ऐसी कि बड़े-बड़े भी हैरान रह जाएं। 12 मार्च 2025 को जन्मे सिहंता के नन्हे अद्वैत सिंह ठाकुर ने अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति के दम पर कम उम्र में विलोम शब्द सुनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उनकी इस प्रतिभा को देखते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया ने अद्वैत के नाम 10 जुलाई 2026 को यह उपलब्धि दर्ज की है।
अद्वैत की इस कामयाबी से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। पिता अभिषेक ठाकुर और माता वंदना ठाकुर के साथ दादा बचितर सिंह ठाकुर और दादी नीलम ठाकुर भी इस उपलब्धि से बेहद गौरवान्वित हैं। परिवार का कहना है कि अद्वैत ने इतनी कम उम्र में जिस तरह शब्दों को याद किया, वह उसके असाधारण स्मरण शक्ति का परिचायक है।
अद्वैत के परिवार ने बताया कि बच्चे की सीखने की शुरुआत खेल-खेल में हुई। माता वंदना ठाकुर उसे सुलाते समय अलग-अलग शब्दों से परिचित करवाती थीं। धीरे-धीरे यही शब्द अद्वैत की जिंदगी का हिस्सा बन गए। परिवार के अनुसार, सोते सोते सुनी गई बातें भी अद्वैत याद रखने लगा। बाद में किताबों के माध्यम से उसे शब्दों के ज्ञान से जोड़ा गया।
खास बात यह रही कि वह शब्दों को केवल सुनता ही नहीं था, बल्कि उन्हें याद कर उनके विलोम शब्द भी बताने लगा। जहां इस उम्र में अधिकांश बच्चे बोलना और नए शब्द सीखना शुरू कर रहे होते हैं, वहीं अद्वैत ने अपनी प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई है। उसकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि बच्चों की सीखने की क्षमता को सही दिशा, निरंतर अभ्यास और परिवार का प्रोत्साहन मिले तो वे कम उम्र में भी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
बेटे की इस उपलब्धि ने न केवल परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र में भी खुशी की लहर है। नन्हे अद्वैत की कहानी उन अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा है, जो बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और सहज तरीके से नई चीजें सीखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।

