मौसम साफ होने के बाद मणिमहेश यात्रा बहाल हो गई है। बर्फबारी के बाद कैलाश पर्वत का मनमोहक नजारा श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में खराब मौसम के कारण रोकी गई मणिमहेश यात्रा एक बार फिर से बहाल कर दी गई है। दोपहर बाद मौसम में अचानक सुधार होने और आसमान साफ होने पर भरमौर प्रशासन ने हालात का जायजा लिया, जिसके बाद श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई।
यात्रा मार्ग पर आवाजाही दोबारा शुरू होने से गौरीकुंड, सुंदरासी और धनछो सहित विभिन्न पड़ावों पर रुके हजारों शिवभक्तों ने राहत की सांस ली है। हालांकि यात्रा फिर से शुरू हो गई है, लेकिन उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड ने श्रद्धालुओं की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है।
बीते दिन हुई बर्फबारी के कारण पवित्र डल झील, गौरीकुंड और सुंदरासी समेत ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में भारी गिरावट आई है। ठंड से बचने के लिए श्रद्धालु गर्म कपड़ों और सुरक्षित ठिकानों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के ऊंचे दर्रों और पर्वतीय इलाकों में 6 से 8 इंच तक ताजा हिमपात दर्ज किया गया है।
इस बर्फबारी ने सितम्बर महीने में ही कड़ाके की सर्दी के आगमन का एहसास करा दिया है। वहीं, बर्फ की सफेद चादर ओढ़ने के बाद पवित्र मणिमहेश कैलाश पर्वत का दृश्य बेहद अलौकिक और मनमोहक नजर आ रहा है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
एडीएम ने जारी की एडवाइजरी, जोखिम न उठाएं यात्री
यात्रा की बहाली के साथ ही प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा निर्देश भी जारी किए हैं। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) भरमौर, विकास शर्मा ने शिवभक्तों से अपील की है कि वे सफर के दौरान मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड है, इसलिए यात्री अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े जरूर रखें। इसके साथ ही प्रशासन ने हिदायत दी है कि मौसम खराब होने की सूरत में सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें और किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम न उठाएं।

