लंज में मिले और खोली खड़ में बहते दिखे शव की अलग-अलग जांच की मांग, कमल कुमार शर्मा ने उठाए सवाल

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शाहपुर – नितिश पठानियां

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर तेजी से प्रसारित हो रही है कि कल खड़ के तेज बहाव में बहा व्यक्ति वही है, जिसका शव लंज में बरामद हुआ है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों घटनाएं अलग-अलग हो सकती हैं और इन्हें एक ही व्यक्ति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मामले में पुलिस प्रशासन से दोनों घटनाओं की अलग-अलग और गंभीरता से जांच करने की मांग की गई है।

जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई को बोडूसारना निवासी हिलो देवी बकरियां चराने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों की ओर से इस संबंध में पुलिस थाना शाहपुर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। इसके बाद लंज में खड़ के किनारे उनका शव बरामद होने की जानकारी सामने आई।

वहीं, दूसरी घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुहाड़ा-शारनु के पुराने पुल के पास खड़ में अचानक पानी का तेज बहाव आया था। उस समय कुछ लोग पास के ढाबे में चाय पी रहे थे। पानी के तेज बहाव की आवाज सुनकर वे पुल की ओर गए। इसी दौरान उन्होंने खड़ में एक व्यक्ति का शव तेज बहाव के साथ बहते हुए देखा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहता हुआ व्यक्ति औंधे मुंह था, उसके शरीर पर कमीज नहीं थी और पैंट पहनी हुई दिखाई दे रही थी। लोगों ने इस घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। तेज बहाव के कारण शव कुछ ही क्षणों में उनकी आंखों से ओझल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों को आशंका है कि शव संभवतः खड़ में ऊपर की ओर से बहकर आया होगा।

दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच की मांग

प्रदेश महामंत्री भाजपा जनजाति मोर्चा हिमाचल प्रदेश कमल कुमार शर्मा सहित स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि लंज में बरामद महिला के शव और खड़ में बहते हुए दिखाई दिए पुरुष के शव को एक ही व्यक्ति मानकर जांच न की जाए। दोनों घटनाओं के तथ्यों और परिस्थितियों को अलग-अलग कोण से जांचने की मांग की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आसपास के क्षेत्र में किसी पुरुष के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है तो उसकी भी जांच की जानी चाहिए। साथ ही, खड़ में बहते दिखाई दिए शव की तलाश, पहचान और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

लोगों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी निष्कर्ष पर पहुंचना नहीं है। वे केवल उस घटना की जानकारी पुलिस प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं, जिसे उन्होंने स्वयं देखा और जिसका कुछ हिस्सा वीडियो में भी रिकॉर्ड हुआ है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग करते हुए कहा है कि दोनों घटनाओं के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसका स्पष्ट पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

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