हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) में इनाम जीतने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 62 वर्षीय बुजुर्ग से 8.54 लाख रुपये की ठगी कर ली।
ठगों ने खुद को केबीसी कार्यालय का प्रतिनिधि बताकर व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के माध्यम से पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। जब इनामी राशि नहीं मिली और आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस थाना सदर ऊना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नंगल सलांगड़ी निवासी विजय कुमार ने शिकायत में बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे व्हाट्सएप कॉल और संदेशों के माध्यम से संपर्क किया।
ठगों ने दावा किया कि उनका नाम कौन बनेगा करोड़पति (KBC) की इनामी योजना के लिए चुना गया है और उन्हें बड़ी धनराशि दी जाएगी। इसके लिए पहले टैक्स, सत्यापन शुल्क, प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज और अकाउंट एक्टिवेशन के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा करवाने को कहा गया।
इनामी राशि मिलने की उम्मीद में विजय कुमार ठगों की बातों में आ गए और अलग-अलग चरणों में पैसे भेजते रहे। शिकायत के अनुसार उन्होंने 16 बार नकद जमा कराकर 7.87 लाख रुपये और 6 यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से 67,201 रुपये ठगों के खातों में भेज दिए। इस तरह कुल 22 लेन-देन में 8,54,201 रुपये साइबर अपराधियों के खातों में ट्रांसफर हो गए।
पीड़ित ने बताया कि पूरी राशि जमा करवाने के बाद भी उन्हें न तो कोई इनाम मिला और न ही आरोपियों की ओर से कोई जवाब आया। जब फोन और संदेशों का जवाब मिलना बंद हो गया, तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया के बोल
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगों ने पीड़ित से संपर्क करने के लिए भारतीय और पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया था। पुलिस संबंधित बैंक खातों, यूपीआई आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि केबीसी, लॉटरी, इनाम या पुरस्कार के नाम पर आने वाले किसी भी अज्ञात कॉल, व्हाट्सएप संदेश, लिंक या ईमेल पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति या खाते में पैसे जमा करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें।
यदि कोई संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त होता है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते साइबर अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके।

