IGMC डॉक्टर आत्महत्या केसः सुसाइड नोट, इंजेक्शन और शीशियां मिली, ड्रग ओवरडोज से मौत!

--Advertisement--

Image

शिमला – जसपाल ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला में पीजी कर रही एक 31 वर्षीय डॉक्टर की आत्महत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है.

दिल्ली की रहने वाली ये डॉक्टर आईजीएमसी के सर्जरी विभाग में पीजी अंतिम वर्ष की छात्रा थी और आईजीएमसी के समीप ही रहती किराए के कमरे में रहती थी.

शिमला की एसपी मोनिका भुटूंगरू ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. सुसाइड नोट में किसी को सुसाइड के लिए जिम्मेवार नहीं ठहराया गया है. शुरूआती जानकारी के अनुसार मृतका मानसिक रूप से परेशान चल रही थी और आईजीएमसी से इलाज चल रहा था.

एसपी ने कहा कि सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा गया है. परिजनों को इसकी जानकारी दी गई है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. एससी ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मौके पर से इंजेक्शन और दवाइयों की शीशियां मिली हैं.आशंका जताई जा रही है कि शायद दवाइयों की ओवरडोज ली गई है. मृतका की पहचान डॉ. बोमिका जोहरी निवासी न्यू दिल्ली द्वारिका के रूप में हुई है.

शिफ्ट पर नहीं पहुंची थी तो पहुंचे दोस्त

बोमिका की सुबह 9 बजे से शिफ्ट थी. साढ़े 10 बजे के बाद तक भी ये ड्यूटी पर नहीं पहुंची तो इसके सहयोगी डॉक्टरों ने इसे कॉल की पर कोई उत्तर नहीं मिल पाया तो इसके दोस्त कमरे में जा पहुंचे, तो दरवाजा अंदर से बंद था . काफी देर तक खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने इसकी सूचना लक्कड़ बाजार चौकी को दी.

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया. भीतर प्रवेश करने पर देखा तो डॉक्टर मृत पड़ी हुई थी. पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी मौके पर तुरंत बुलाया. मौके से इजेंक्शन और कुछ दवाइयों की शीशियां भी बरामद हुई हैं.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर इसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है. मौके पर मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि आत्महत्या के लिए कोई दोषी नहीं है. अपनी मर्जी से खुदकुशी की बात कही गई है.

रिजर्व था नेचर

डॉ. बोमिका पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों की क्लास लेने भी जाती थी और वह काफी रिजर्व थीं और ज्यादा किसी से बात नहीं करती थी. पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप, डायरी समेत अन्य सामान कब्जे में लिया है.

शुरूआती जांच में मामला आत्महत्या का ही नजर आ रहा है लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी.

मृतका ने आईजीएमसी के समीप साल 2021 में सुरजीत सिंह गुजराल मानसरोवर कॉटेज में कमरा किराए पर लिया था और वो अकेली रहती थी.

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

विदेश जाना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट की आवेदन फीस, री-इश्यू करवाना भी महंगा

हिमखबर डेस्क विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा...

Teacher Eligibility Test: हिमाचल में शिक्षकों को 31 अगस्त से पहले पास करना होगा TET

हिमखबर डेस्क हिमाचल सरकार ने इन सर्विस टीचर्स के लिए शिक्षक...

टांडा मेडिकल कॉलेज का पानी पीने लायक नहीं

हिमखबर डेस्क डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा...