“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत धर्मशाला में पौधरोपण, एसडीएम मोहित रत्न ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत धर्मशाला में पौधरोपण। एसडीएम मोहित रत्न ने पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से प्रकृति की रक्षा के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।

धर्मशाला, 18 अगस्त – हिमखबर डेस्क

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक कार्य योजना के तहत मंगलवार को धर्मशाला में “एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। अभियान का आयोजन वन विभाग के सहयोग से किया गया।

अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज और परिवार में वरिष्ठजनों एवं बुजुर्गों के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना को मजबूत करना था।

इस अवसर पर एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न, जिला कल्याण अधिकारी, कांगड़ा साहिल माण्डला तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधरोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। वन विभाग के सहयोग से आंवला, जामुन, बान, अर्जुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।

एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और हमारे बुजुर्गों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भावनात्मक एवं सामाजिक संदेश भी देता है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमारे वरिष्ठजन अपने अनुभव, स्नेह, संस्कार और मार्गदर्शन से आने वाली पीढ़ियों का जीवन संवारते हैं, उसी प्रकार पेड़ भी हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन, छाया, फल और स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करते हैं। इसलिए पौधा लगाना तभी सार्थक होगा, जब हम उसकी नियमित देखभाल कर उसे वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी भी निभाएं।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधरोपण करने तथा लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।

जिला कल्याण अधिकारी कांगड़ा साहिल माण्डला ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके अनुभव एवं योगदान से नई पीढ़ी को निरंतर सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण जैसे जनहित के कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।

इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया। विभाग ने लोगों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

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