हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एम्स बिलासपुर के डॉक्टरों ने बड़ी सफलता हासिल की है। चिकित्सकों की टीम ने लगभग पूरी तरह कट चुके एक मरीज के हाथ को जटिल माइक्रोसर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक जोड़कर उसमें दोबारा रक्त संचार बहाल कर दिया।
इसे प्रदेश का पहला हैंड रीवैस्कुलराइजेशन मामला बताया जा रहा है। करीब 7 घंटे तक चली इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी में डॉक्टरों ने अत्यंत बारीकी से नसों, धमनियों और हड्डियों को जोड़ा। ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य हाथ में रक्त प्रवाह को दोबारा स्थापित करना और उसे बचाना था।
सर्जरी का नेतृत्व डॉ. नवनीत शर्मा ने किया। उनकी अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम ने माइक्रोसर्जिकल तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। सर्जरी के बाद मरीज की हालत में लगातार सुधार हुआ और डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी रहा। करीब 10 दिन बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
एम्स बिलासपुर में पहली बार इस तरह की जटिल हैंड माइक्रोसर्जरी किए जाने से चिकित्सा जगत में इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। डॉक्टरों की इस सफलता से हिमाचल में गंभीर हाथ की चोटों के इलाज के लिए नई संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

