
ऊना – अमित शर्मा
सेंट्रल इन्र्फोसमेंट जोन ऊना ने बाथड़ी के एक इस्पात उद्योग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इनवेलड इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करने पर नौ करोड़ 47 लाख रुपए टैक्स पैनेल्टी लगाई है।
संबंधित फर्म को डीआरसी सात के तहत टैक्स रिकवरी का डिमांड नोटिस सर्व कर दिया गया है। सेंट्रल इन्र्फोसमेंट जोन ऊना के ज्वाइंट कमीशनर राकेश भारतीय ने मामले की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि सीजीएसटी कार्यालय चंडीगढ़ से प्राप्त इनपुटस के आधार पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने बाथड़ी के इस्पात उद्योग को नौ करोड़ 47 लाख रुपए टैक्स पैनेल्टी व ब्याज लगाया है।
राकेश भारतीय ने बताया कि दिल्ली टैक्स अथॉरिटीज की जांच में 173 करोड़ रुपए का एक घोटाला सामने आया था। इसमें तीन सीए व लीगल काउंसिल एरेस्ट हो चुके हैं। मामले में संलिप्त 31 में से तीन फर्माे ने हिमाचल में स्क्रैप व सरिये की फेक सप्लाई की थी, जिसका 5.89 करोड़ टैक्स बनता था।
इसको बैरिफाई करने के लिए जब विभाग ने दिल्ली अथॉरिटीज से पत्राचार किया तो सामने आया कि दिल्ली सीजीएसटी अथॉरिटीज ने इनमें से एक फर्म का 3.82 करोड़ का टैक्स जिस डेट से फर्म गठित की गई थी को रदद कर दिया था।
जिसके चलते बाथड़ी के इस्पात उद्योग का 3.82 करोड़ रुपए का क्लेम किया हुआ इनपुट टैक्स क्रेडिट अवैध पाया गया। विभाग ने इसके चलते उक्त फर्म को 3.82 करोड़ रुपए पर पैनेल्टी लगाई।
