दिवंग्त पंडित सुखराम के पोते “आश्रय शर्मा” ने कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर के घर से मांगा टिकट

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मंडी – अंशुल दीक्षित

मंडी की राजनीति में हर वक्त सुर्खियां बटोरने वाला पंडित सुखराम का परिवार इस बार कुछ ज्यादा ही सुर्खियां बटोरने की फिराक में नजर आ रहा है। एक तरफ जहां अभी तक अनिल शर्मा को लेकर यह संशय बना हुआ है कि वो किस दल में जाएंगे, वहीं इस संशय के बीच उनके बेटे आश्रय शर्मा ने एक नया दांव खेलकर सभी को चौंका दिया है।

आश्रय शर्मा ने कांग्रेस पार्टी से विधानसभा का टिकट मांगा है और यह टिकट उन्होंने अपने गढ़ मंडी सदर से नहीं बल्कि कौल सिंह ठाकुर के गढ़ द्रंग विधानसभा क्षेत्र से मांगा है।

आश्रय शर्मा ने 29 अगस्त को पीसीसी को ईमेल के माध्यम से अपना आवेदन भेजा है, जिसमें उन्होंने द्रंग विधानसभा क्षेत्र से टिकट की मांग उठाई है। आज पार्टी कार्यालय से इसकी जानकारी मीडिया तक पहुंची, जिसके बाद से आश्रय शर्मा एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं।

द्रंग में हमारा घर, पंडित सुखराम का यहां से विशेष नाता

टिकट की मांग करने वाले स्व. पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा से जब इस बारे में बात की गई तो सबसे पहले उन्होंने उनके आवेदन की जानकारी मीडिया में आने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।

आश्रय ने कहा कि उन्होंने अपनी बात पार्टी फोरम पर रखी थी, लेकिन पार्टी के लोग ही अंदर की बातों को मीडिया में उछाल रहे हैं जोकि संगठन के लिए ठीक नहीं है। इस बारे में पार्टी के भीतर फिर से अपनी बात रखूंगा।

आश्रय शर्मा ने कहा कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र की स्नोर घाटी में उनका घर है और पंडित सुखराम का यहां से विशेष नाता रहा है। पंडित सुखराम द्वारा बनाई गई हिमाचल विकास कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में जवाहर ठाकुर ने यहां से चुनाव लड़ा था और दूसरे स्थान पर रहे थे। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए पार्टी से टिकट की मांग की है।

टिकट मांगना सभी का अधिकार, देना पार्टी का विशेषाधिकार

पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि टिकट मांगना सभी का अधिकार है। लेकिन किसे टिकट देना है और किसे नहीं, ये पार्टी हाई कमांड का विशेषाधिकार है। पार्टी सारा आकलन करती है कि कौन प्रत्याशी कहां से सीट निकाल सकता है और उसी आधार पर टिकट दिया जाता है।

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