
चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबाही नहीं थम रही है। चंबा में सलूणी-हिमगिरी मार्ग पर शुक्राह के समीप मढ़ी नाला में बना पुल बाढ़ में पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण नाले में आई बाढ़ के कारण पुल का नामोनिशान मिट गया है। साथ ही किनारे पर बना घराट भी बह गया है।
नाले में एक और घराट के बहने की भी आशंका है। करीब 20 साल पहले बने इस पुल के बह जाने से क्षेत्र की 10 से अधिक पंचायतों का संपर्क सलूणी व तीसा से कट गया है। जिससे 20 हजार के करीब आबादी प्रभावित हुई है।
उधर भरमौर के प्रंघाला में भूस्खलन के कारण मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। जिससे मणिमहेश यात्रा फिर से प्रभावित हुई है। यात्रा पर निकले कई श्रद्धालु राह में फंस गए हैं। विभाग ने मार्ग की बहाली का कार्य शुरू कर दिया है।
दोपहर तक लोगों की आवाजाही के लिए रास्ता खुलने की संभावना है। उक्त स्थान पर भूस्खलन व पत्थर गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है, जिस कारण प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए भी मणिमहेश यात्रियों से जोखिम न लेने की अपील की है।
उधर इसी मार्ग पर सीयूल नाला में भी पानी के बहाव से एक घराट बह गया है। साथ ही कई अन्य स्थानों पर भी खतरा बन गया है। क्षेत्र में रात के समय हुई बादल फ़टने जैसी घटना से किसानों को भी काफी नुकसान हुआ है।
हिमगिरी सलूणी तीसा मार्ग पर डियूर खड्ड में पानी के बहाव से पुल को बने ख़तरे के चलते 10 दिन बाद ही या मार्ग बड़ी गाड़ियों की आवाजाही के लिए बहाल हुआ था। लेकिन सुरनाल व पटोलू में भूस्खलन के चलते अभी भी भड़ोग से आगे बड़ी गाड़ियां नहीं जा पा रही हैं। अब मढ़ी नाला पुल के बह जाने से निगम सहित चार बसें फंस गई हैं।
दिन के समय काफी लोग क्षेत्र में मढ़ी नाले के आसपास मवेशियों को चराते हैं। लिहाजा अगर यह घटना दिन के समय होती तो जान माल का भी नुकसान हो सकता था। उधर धारागला से हिमगिरी चुराह को जोड़ने वाला मार्ग पहले ही बंद है, जिस कारण अब क्षेत्र कि लोगों को सलूणी व चंबा की ओर जाने के लिए कोई भी वैकल्पिक मार्ग नहीं बचा है।
उधर अधिशासी अभियंता सलूणी दीपक भाटिया का कहना है कि पानी के बहाव के चलते सलूणी हिमगिरी मार्ग पर शुक्राह के समीप मढ़ी नाला के पास बना पुल बह गया है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण कई जगह मार्ग बंद हो गया है। वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है। विभाग को भारी नुकसान पहुंचा है।
