तीन घंटे तक दुर्घटनाग्रस्त बस के नीचे दबे रहे कांगड़ा के युवक ने किया हादसे की वजह का खुलासा

--Advertisement--

Image

ब्यूरो – रिपोर्ट

सोचिए, सफर करने के दौरान आपकी बस हादसे का शिकार हो जाए तो मानसिक स्थिति क्या होगी। कांगड़ा के पालमपुर उपमंडल के रहने वाले एक युवक सुधीर ने न केवल हौसला रखा, बल्कि बस से खुद को सुरक्षित निकालने के बाद हादसे की वजह का भी खुलासा किया।

दरअसल, हादसे के बाद से निगम के चालकों की निपुणता के पर भी सोशल मीडिया में सवाल उठाए गए, लेकिन हकीकत इसके विपरीत सामने आई है।

बस में सफर कर रहे युवक सुधीर ने खुलासा किया है कि हादसे की जगह सड़क तंग थी। विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने बस के पिछले हिस्से को टक्कर मार दी।

इसके बाद बस असंतुलित होकर पैराफिट तोड़ती हुई खाई में लुढ़क गई। गिरने से पहले बस में तीन पलटियां भी खाई। वह भी काफी समय तक बस के भीतर ही फंसा रहा। हालांकि मौके पर तुरंत ही आसपास के लोगों ने रेस्क्यू शुरू कर दिया था, लेकिन 2 यात्री घंटों तक फंसे रहे।

सुधीर ने इस बात का भी खुलासा किया कि यह बस सुबह 6:00 बजे के करीब नगरोटा बगवां से शिमला के लिए रवाना हुई थी। उसे इसी बस में शाम को 3:00 बजे वापस भी लौटना था।

सुधीर ने कहा कि घटनास्थल पर मोड़ था। सामने से आ रहे ट्रक ने बस को टच करते हुए पिछले हिस्से को टक्कर मारी। बता दें कि सुधीर भी इस बस में करीब 3 घंटे तक फंसे रहे थे। हिम्मत और हौसले के दम पर खुद को बस से निकालने में कामयाब रहे।

अमूमन हादसों में घायलों की मौत सदमे की वजह से हो जाती है, लेकिन हिम्मत न छोड़ने वाले जिंदगी व मौत के बीच जंग को जीत लेते हैं। उसने बताया कि घर पर हादसे की सूचना मिलने के बाद दादी व मां का रो-रो कर बुरा हाल था। फोन पर बात करने से ही उन्हें संतोष मिला।

बहरहाल, इस हादसे के बाद बड़ा सवाल भी उठा है कि रोजाना मॉकड्रिल करने वाली टीमें कहां थी। जबकि हादसा भी सूबे की राजधानी से चंद किलोमीटर के फासले पर हुआ था। कुल मिलाकर यह भी साफ है कि सरकारी व्यवस्था ऐसे हादसों में विफल होती ही नजर आती है।

पहले भी इस बात पर सवाल उठते रहे हैं कि जब पहाड़ी प्रदेश में हादसे लगातार होते हैं तो एयर एंबुलेंस की व्यवस्था सरकार क्यों नहीं कर पाती।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

कांगड़ा में जंगली जानवरों का कहर, 31 मेमनों को उतारा मौत के घाट; चरवाहों पर टूटा दुखों का पहाड़

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल पालमपुर...

सुबह कमरे से नहीं निकला राहुल… जब दरवाजा खोला तो मंजर देख कांप गई रूह

हिमखबर डेस्क  पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम...

प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में धनराशि स्वीकृत

हिमखबर डेस्क  केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मन्त्री कमलेश पासवान ने...

पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत, 10 रुपए घटी एक्साइज ड्यूटी

हिमखबर डेस्क  अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में...