जब एक साथ मायके पहुंची 10 बहने, पारंपरिक वेशभूषा में खत बनगांव की बेटियों ने शेयर की तस्वीरें

--Advertisement--

Image

उत्तराखंड – 

आज के आधुनिक युग में भले ही अभिभावक एक या दो बच्चे के बाद ही अलविदा कह देते हैं , लेकिन जिला सिरमौर और उत्तराखंड के जनजातीय इलाकों में आज भी अभिभावक दो से अधिक बच्चों को तरजीह देते है। लेकिन अधिक बच्चों का संयुक्त परिवार समाज को एक संदेश देता है की आपसी प्यार और भाईचारा क्या होता है।

ऐसी ही एक तस्वीर इन दिनों उत्तराखंड के जौनसार बाबर के गांव घणता ( जेठोऊ -पुरयोडे ) खत बनगांव की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जहाँ चालदा महाराज ग्राम कोटा खत तपलाड़ से प्रवास पर आये है। 
इस मौके पर खत बनगांव की 10 बहने अपने मायके में पहुंची है और अपने पारंपरिक वेशभूषा में नजर आ रही है जो आकर्षण का केंद्र रही है। बहनों ने एक संयुक्त तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर शेयर की। 
जो एक संदेश दे रही है कि किस प्रकार जिला सिरमौर और जौनसार बावर के इलाकों में आज भी संयुक्त परिवार फल फूल रहा है।
इन बहनों में की शादी अलग-अलग क्षेत्रों में हुई है लेकिन जब यह गांव में कोई शादी विवाह या फिर देव कार्य या समारोह होता है
तो यह सभी मायके आकर ना केवल परिवार की बल्कि गांव की खूबसूरती को चार चांद लगाते हैं या यूं कहें कि जिला सिरमौर के गिरीपार और जौनसार बावर में आज भी संयुक्त परिवार एक मिसाल है। 
--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

नूरपुर में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य: SDM अरुण शर्मा

नूरपुर में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य: SDM अरुण...

बाल स्वर्ण प्राशन शिविर में 70 महिलाओं ने करवाई जांच

बाल स्वर्ण प्राशन शिविर में 70 महिलाओं ने करवाई...

नशा निवारण जागरूकता: शैक्षणिक संस्थानों पर रहेगा विशेष फोक्स: एडीसी

प्रहरी क्लबों के माध्यम से युवाओं को किया जाएगा...