हिमखबर डेस्क
भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पशु-पक्षियों की मदद के लिए नाहन के बच्चे आगे आए हैं। पैंथर्स क्लब द्वारा उम्मीद फाउंडेशन के सहयोग से उम्मीद फाउंडेशन कार्यालय में बच्चों के लिए एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया।
जिसमें गर्मियों के मौसम में आवारा पशुओं और पक्षियों को पीने के पानी की हो रही समस्या तथा उसके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। सेमिनार में अलीजा, मनस्वी, स्वास्तिका, देवांशी, अलीना और अलीशा सहित कई बच्चों ने अपने विचार साझा किए।
बच्चों ने कहा कि तेज गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेसहारा पशु-पक्षियों पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गर्मी के इस मौसम में बेजुबान जीवों के लिए पानी की व्यवस्था करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
अलीजा ने कहा कि शहर में आवारा पशुओं के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है। वहीं मनस्वी ने कहा कि प्यास से परेशान पशुओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है और समाज को उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए।
स्वास्तिका ने पशु-पक्षियों के लिए स्थायी जल व्यवस्था बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं अलीना, अलीशा और देवांशी ने सुझाव दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर की छतों पर मिट्टी के बर्तनों में साफ पानी रखना चाहिए, ताकि पक्षियों को गर्मी में राहत मिल सके।
साथ ही गलियों और घरों के बाहर बाल्टियों या बड़े बर्तनों में पानी भरकर गायों, कुत्तों और अन्य बेसहारा पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। सेमिनार के अंत में सभी बच्चों ने संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन अपने घरों की छतों और आसपास के क्षेत्रों में पशु-पक्षियों के लिए पानी उपलब्ध करवाएंगे।
साथ ही पैंथर्स क्लब के सदस्य अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भी इस मुहिम से जोड़ने के लिए जागरूक करेंगे। इस अवसर पर उम्मीद फाउंडेशन के डायरेक्टर जावेद उल्फत, ट्रस्टी प्रमोद कुमार, बिट्टू थापा और मोमिना सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

