
धर्मशाला – राजीव जसबाल
आज वन अराजपत्रित कर्मचारी संघ वृत धर्मशाला अध्य्क्ष संदीप गुलेरिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राजेश कुमार वन रक्षक जोकि वन मंडल ऊना में कार्यरत थे।
उन्होनें ड्यूटी के दौरान वन क्षेत्र में आग लगने की घटना होने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए निहत्थे जंगल में बिना किसी अतिरिक्त सहायता के वन क्षेत्र को आग से बचाने हेतू अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
उन्होनें बताया कि पहले भी कईं वन कर्मी वनों की रक्षा हेतू अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं परन्तु दुर्भाग्य की बात ये है की उन्हें न तो न ही उनके परिवारों को आज तक सरकारों द्वारा कोई पुरस्कार या प्रोत्साहन योजना आदि चलाई गई और न ही शहीद का दर्जा दिया गया।
उन्होंने कहा कि एक वन रक्षक अकेला होकर भी वन तथा वन्य प्राणी की रक्षा हेतू अपना बलिदान दे देता है । उसको सरकार द्धारा कोई अतिरिक्त सहायता नहीं मिलती परन्तु वन क्षेत्र में वृद्धि पर सरकारें तथा उच्च अधिकारी श्रेय लेने के लिए तत्पर रहते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि राजेश जी तथा अन्य वन कर्मी जिन्होंने वनों की रक्षा हेतु सर्वोच्च बलिदान दिया है उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए । उनके परिवारों को विशेष सहायता के साथ नौकरी का भी प्रावधान हो।
उन्होनें शहीद राजेश कुमार के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ धर्मशाला इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ा है।
