
शाहपुर- नितिश पठानियां
द्रोणाचार्य शिक्षण स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस (‘जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो’) मनाया गया इस कार्यक्रम में लतिका सहजपाल हिमाचल प्रशासनिक सेवा एवम बीडीओ रैत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन कर सरस्वती बन्दना से की गई । कार्यक्रम में सर्वप्रथम बीएड, बीबीए ,और बीसीए के बच्चों ने महिला दिवस पर अपने विचार रखे ।
वहीँ महाविद्यालय के कार्यकारी निदेशक डा. बीएस पठानिया ने कहा कि महिला दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य है महिलाओं को हर वो अधिकार प्रदान किए जाए जो एक सामान्य नागरिक को दिए जाते हैं। भेदभाव ही उनके पीछे रहने की सबसे बड़ी वजह है। आज जरूरत है तो नारी को अवसर देने का बो कहीं भी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीँ हैं । उन्होंने कहा कि पीछे जो हुआ उसे भूल कर अपने आप को पहचानना जरूरी है।
अंत में मुख्यातिथि ने कहा कि जहां एक तरफ महिलाओं के शोषण, कुपोषण और कष्टप्रद जीवन के लिए पुरुष प्रधान समाज को जिम्मेदार ठहराया जाता है, वहीं यह भी कटु सत्य है कि महिलाएं भी महिलाओं के पिछड़ने के लिए जिम्मेदार हैं।
यह भी सच है कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों ने ही स्त्री शक्ति को अधिक सहज होकर स्वीकार किया है, न सिर्फ स्वीकार किया अपितु उचित सम्मान भी दिया, उसे देवी माना और देवी तुल्य मान रहा है, जिसकी कि वह वास्तविक हकदार भी है।
हमें अपने लिए सिर्फ इतनी सी बात समझनी है कि अपनी प्रतिभा, दक्षता, क्षमता, अभिरूचि और रूझान को पहचानना है, ईश्वर ने हमें जिन गुणों से नवाजा है उन्हें निखारना है।
यंत्रवत कार्य करने के बजाय स्वयं को प्रसन्न रखने के लिए काम करना है आपको अपना परिवेश अपने आप प्रसन्न मिलेगा। दूसरे शब्दों में हर काम को प्रसन्नता से करें अपनी क्षमता का पूरा उपयोग करें।
इस मोके पर महाविद्यालय प्रबंध निदेशक जीएस पठानिया ,कार्यकारी निदेशक बीएस पठानिया , प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार शर्मा ,एचओडी सुमित शर्मा ,सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहाI
