जाइका के सहयोग से वन क्षेत्र को बढ़ाने पर दिया जाएगा बल- राकेश पठानिया

--Advertisement--

Image

धर्मशाला- राजीव जसबाल 

ज़िला कांगड़ा के वन क्षेत्र में वृद्धि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन यापन कर रहे लोगों की आर्थिकी में सुधार हेतु 150 करोड़ रुपए की एक योजना जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी ;श्रप्ब्।द्ध के सहयोग से आरम्भ की जा रही है। यह जानकारी वन एवं युवा सेवाएं व खेल मंत्री राकेश पठानिया ने आज यहां एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए दी।

पठानिया ने बताया कि वन विभाग जल्द ही अपना एक नया नर्सरी विंग भी प्रारम्भ करने जा रहा है ताकि वन विभाग को उच्च गुणवत्ता की पौध सुनिश्चित हो सके। इसके लिए प्रारूप तैयार कर लिया गया है तथा नए विंग के गठन के लिए जो भी आवश्यक है, इसमें विशेषज्ञों की भी उपलब्धता एवं स्टाफ व अन्य उपकरण और संसाधन भी तैयार कर लिए गए हैं।

वन मंत्री ने कहा कि जायका का सहयोग नर्सरी विंग में लिया जाएगा तथा वन क्षेत्र को बढ़ाने में भी लिया जाएगा। प्रथम चरण में इस योजना के तहत नूरपुर, धर्मशाला एवं पालमपुर व देहरा वन मण्डल को चयनित किया जा रहा है। योजना के तहत जिला के 63 वार्डों में स्वयं सहायता समूहों का गठन कर, लोगों की आजीविका को ऊपर उठाने एवं स्वरोजगार उपलब्ध करवाने पर बल दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सतत् वन पारिस्थितिकी तंत्र प्रबन्धन परियोजना के अंतर्गत वृक्षारोपण के माध्यम से वन क्षेत्र कवर किया जाना है जिसमें घने वनों/खुले वनों का सुधार, चारागाहों का सुधार इत्यादि शामिल है। वन वृत्त और परिक्षेत्र स्तर की नर्सरियों में स्थानीय प्रजातियों के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार करने के लिए मॉडल नर्सरी विकसित की जानी है।

पठानिया ने कहा कि परियोजना के प्रभावी कार्यान्वयन के उद्देश्य के लिए वन विभाग को सामुदायिक स्तर के संस्थानों और पी.एम.यू. कर्मचारियों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना आवश्यक है।

इस घटक के माध्यम से परियोजना वन प्रबन्धन और जैव विविधता संरक्षण दोनों के लिए एमआईएस/जीआईएस के माध्यम से मानव संसाधन क्षमताओं और ज्ञान के आधार पर निर्णय लेने वाली सहायता का प्रभावी उपयोग या निगरानी तंत्र में सुधार का संवर्धन करेगी।

पी.एम.यू. स्तर पर एक विशेष जड़ी-बूटी सेल का गठन किया गया है जो वन क्षेत्रों से एनटीएफपी की विशेष रूप से औषधीय पौधें के अस्थिर निष्कर्षण का विनियमित करना, कुछ पहचान प्रजातियों के एक्स सीटू प्रचार का मानकीकरण किया जा सकता है जो युवाओं को स्थायी आजीविका और आय सृजन के अवसर प्रदान करने के लिए सहायक होगा।

प्रस्तावित समूहों में कलस्टर स्तर ‘हिम जड़ी बूटी सहकारी समितियों’ के गठन का समर्थन करना है। इस दौरान जाइका वानिकी परियोजना 2021-22 पुस्तक एवं लैटाना घास निवारण कलेण्डर का विमोचन भी किया गया।

इस अवसर पर विधायक विशाल नैहरिया, प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा, मीडिया कॉडिनेटर विश्व चक्षु, चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर नागेश गुलेरिया सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

बजट से पहले BJP विधायकों का विधानसभा के बाहर प्रदर्शन, एंट्री टैक्स को लेकर जताया विरोध

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दौरान आज...

रेहड़ी-फड़ी वालों के नियमों में बदलाव; हर तीन साल में नवीनीकरण, फीस तय

हिमखबर डेस्क राज्य सरकार ने रेहड़ी-फड़ी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) से...

आज CM सुक्खू करेंगे चौथा बजट पेश, इन सेक्टरों पर रह सकता है फोकस

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश के आर्थिक इतिहास में आज का...