नहीं रहे स्वामी विशुद्धानंद सरस्वती, पालमपुर अस्‍पताल में ली अंतिम सांस

--Advertisement--

Image

पालमपुर- बर्फू

देश के नामी शब्दों में से एक स्वामी विशुद्धानंद सरस्वती जी का आज सुबह देहावसान हो गया। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के परम शिष्य रहे स्वामी विशुद्धानंद सरस्वती कुछ समय से बीमार चल रहे थे। आज सुबह करीब 4 बजे विवेकानंद अस्पताल पालमपुर में उन्होंने अंतिम सांस ली। स्वामी विशुद्धानंद सरस्वती की आयु 100 साल से अधिक थी।

हालांकि उनके अनुयायी उनकी उम्र 146 साल होने का दावा करते हैं। स्वामी विशुद्धानंद सरस्वती काफी साल पहले बीड़ में आए थे और यहां एक छोटा आश्रम स्थापित किया था। आश्रम में ही मां दक्षिणा काली का मंदिर भी उन्होंने स्थापित करवाया था। उनसे कई रहस्य से जुड़े हुए थे। उनसे मिलने कई वीआइपी लोग भी आते थे। लेकिन वह सभी से बराबर ही मिलते थे। उन्होंने कभी भी गरीब और अमीर में भेदभाव नहीं रखा।

आश्रम के नियम सभी के लिए बराबर रहे। उनके शिष्य जितेंद्र कौशल बताते हैं कि गुरु जी कुछ सालों से अस्वस्थ थे। कोरोना काल में भी उन्होंने अपनी बीमारियों को मात दी थी। लेकिन वीरवार सुबह तबीयत अधिक खराब होने के कारण उनका देहावसान हो गया। उनकी देह आश्रम में ही भक्तों के दर्शन के लिए रखी गई है।

शुक्रवार को आश्रम परिसर में ही उनकी समाधि होगी। उन्होंने बताया कि स्वामी विशुद्धानंद जी के आश्रम की खास बात यह थी कि यहां कोई वीआइपी नहीं होता था। सभी का एक समान ही सम्मान होता था।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

अपनों की सलामती के लिए वीडियो कॉल का सहारा, जानें हिमाचल के फंसे युवा क्या बोले

हिमखबर डेस्क  ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच युद्ध के...

ब्यास नदी में मिला 24 वर्षीय गुमशुदा लड़की का शव

हिमखबर डेस्क  सुजानपुर के साथ लगते जिला कांगड़ा की पुलिस...

गुड़िया रेप व हत्या के दोषी नीलू चरानी की अपील पर सुनवाई टली

हिमखबर डेस्क  प्रदेश हाईकोर्ट में गुड़िया रेप व निर्मम हत्या...

फोन आया, लगा सपना देख रहा हूं, राज्यसभा प्रत्याशी ने नामांकन के बाद साझा की दिल की बात

हिमखबर डेस्क  हिमाचल से राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल...