
नालागढ़- सुभाष चंदेल
यूं तो केंद्र सरकार स्वच्छता अभियान के ऊपर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है और स्वच्छ अभियान के तहत कई तरह के कार्यक्रम भी किए जाते हैं लेकिन यह कार्यक्रम सिर्फ भाषणों और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रहते हैं बल्कि इसकी हकीकत कुछ ओर ही वयां करती है|
जी हां हम बात कर रहे हैं नालागढ़ की,जहां पर एसडीएम परिसर में जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं आसपास की नालियां भी गंदगी से भरी हुई है हैरानी की बात तो यह है कि मिनी सचिवालय की ईमारतो में जगह-जगह पौधे उग गए हैं जोकि इमारतों को खोखला कर रहे हैं लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इतनी भी जहमत नहीं उठाई की इन पौधों को इमारत से उखाड़वा दे.
हालांकि एसडीम द्वारा पूरे वर्ष स्वच्छता को लेकर कई तरह के अभियान चलाए जाते हैं फिर भी उनके परिसर में गंदगी का आलम देखने को मिलता है एसडीम कार्यालय और सेशन कोर्ट होने की वजह से इन दफ्तरों में आम जनता को हर रोज आना पड़ता है आपको बताते चलें कि नालागढ़ में हर रोज गंदगी की वजह से डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं लेकिन फिर भी प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं है.
ऐसा नहीं है कि इन गंदगी के ढेरों और इमारत पर लगे पौधों की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता क्योंकि हर रोज एसडीम ऑफिस के सभी अधिकारी इनी जगहों से गुजरते हैं लेकिन सफाई को लेकर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी गंभीर नहीं है।
इस बारे में जब हमने नगर परिषद नालागढ़ के सर्वेयर बलजीत ठाकुर से बात की तो उन्होंने सारा ठीकरा एसडीएम कार्यालय पर फोड़ दिया उन्होंने कहा कि सफाई की जिम्मेदारी जेबीआर कंपनी और एसडीएम कार्यालय की बनती है
