
कांगड़ा, राजीव जसबाल
कांगड़ा में मटौर के साथ लगते 134 वर्ष से अधिक पुराने मनूनी पुल पर रखरखाव के नाम पर केवल पेंट कर ही एनएच विभाग ने अपना पल्ला झाड़ लिया है।
इस पुल की हालत इस तरह से दयनीय हो चुकी है कि इस पुल पर किसी भी समय बड़ा हादसा घटित हो सकता है। इस पुल पर हर रोज लाखों वाहन गुजरते हैं जिनमें कुछ वाहनों का वजन हजारों टन के करीब होता है। पुल पर क्षमता से अधिक वाहन गुजरने पर उन पर किसी भी समय हादसे की संभावना बनी रहती है।
फोरलाइन की जद पर आने पर इस पुल के पुनः निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है। बरसातों के समय में पुल के नीचे अत्यधिक मात्रा में तेज बहाव से पानी गुजरता है। कई बड़े राजनेता इस पुल को फिर से बनाने के नाम पर अब तक राजनीति कर अपना नाम चमका चुके हैं, लेकिन आज दिन तक इस पुल को दोबारा से बनाने की हिम्मत किसी ने नहीं की। इस पुल के पुनर्निर्माण का कार्य केवल फाइलों तक ही सिमट कर रह जाता है।
सतीश चौधरी महासचिव भाजपा शहरी कांगड़ा ने अपनी राय दी की इस पुल पर लोहे की रेलिंग की जगह प्लास्टिक की बड़ी शीट सुरक्षा की दृष्टि से लगाई जाए ताकि लोगो को किसी हादसे का शिकार होकर इस पुल से अपनी जान ना गवानी पड़े।
इस पुल पर कई हादसे अब तक हो चुके हैं। पुल की एक तरफ बड़ा गड्ढा भी पड़ चुका है जिससे रात के समय पैदल चल रहे व्यक्ति को हादसे का शिकार होकर जान गवानी पड़ सकती है।
