
इन्दौर, शम्मी धीमान
प्रदेश सरकार विकास करवाने को लेकर आपने भाषणों में बड़े बड़े दावे करती दिखती है और यह दावे जमीनी स्तर पर कई जगह खोखले सावित हो रहे है।
देश आजाद हुए 74 वर्ष बीत जाने पर भी आज तक विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के अधीन पड़ते कई गाँव सड़क,स्वस्थ और शिक्षा जैसी मूलभूत सुबिधा से बंचित बंचित हैं।ऐसी ही हालात है गाँव क्यारी जोकी ग्राम पँचायत कंगरेडी ओर विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के अधीन पड़ता है।
इस गाँव में किसी भी तरह की सरकार की मूलभूत सुबिधा उपलब्ध नही है ओर इस गाँव के आगे सरकार के विकास ने सब दावे खोखले सावित हो रहे है।
ग्रामीण सुशील पठानिया,जोगिंदर सिंह,कुलदीप सिंह,राकेश, विजय पठानिया, कृष्ण सिंह,विशन सिंह,सुखदेव,बलवंत सिंह,जसवंत सिंह आदि ने सरकार के प्रति रोष जाहिर करते हुए कहा कि उनके गाँव में कोई भी प्राथमिक स्कूल,स्वस्थ केंद्र और न ही आंगनबाड़ी केंद्र है।
स्कूलों की समस्या होने के चलते गाँव के अधिकतर लोग जो बाहरी राज्यो जा हिमाचल में ही कही सरकारी जा प्राइवेट नोकरी करते है वो सब मजबूरन अपने परिवारों को अपने साथ रखकर बच्चो को पढ़ाने के लिए मजबूर है।
जो लोग घरों में रहते है उनको अपने छोटे से बड़े बच्चो को पढ़ाने के लिए गाँव से 20 से 25 किलोमीटर दूर भेजना पड़ता है। गाँव मे रह रहे छोटे बच्चो को आज तक आंगनवाड़ी से मिलने बाली किसी प्रकार की भी सहूलियत नही मिली है।
ग्रामीणों ने कहा कि हम जैसे तैसे हर तरह जीबन निर्वाह कर रहे है पर सबसे बड़ी प्रमुख समस्या उनके गाँव के प्रमुख रास्ते की है।उनके गाँव क्यारी की मुख्य सड़क पर पड़ते गाँव भटोली से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी है। जिसपर वाहन लेकर तो दूर की बात है पैदल चलना भी बड़ा मुश्किल है।
गाँव के छोटे से बड़े बच्चे यहाँ तक की पुरे गाँव के लोगो पैदल चलकर भटोली तक पहुँचकर अपने गंतव्य को जाते है। इस गाँव के कई युबक सेना में भी अपनी सेवाएं दे रहे है।
ग्रामीणों ने कहा कि बरसात होने पर रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता है और लोगो को मजबूर होकर अपने घरों में ही रहना पड़ता है।
ग्रामीणों ने वताया के कई बार इस सड़क की खस्ताहाल के बारे में स्थानीय विधायक को भी बताया पर आज तक सड़क की दशा नही सुधरी है। कई महीने पहले पँचायत में लगभग 200 मीटर सड़क का निर्माण करवाया था।
ग्रामीणों ने कहा कि यहाँ आसान और प्लेन रास्ता था वहाँ पँचायत ने रास्ता बना दिया पर यहाँ अति जरूरी रास्ता जोकी डंगे लगाकर निर्माण होना था उस जगह की ओर ध्यान तक नही दिया।
ग्रामीणों ने कहा की अगर प्रशासन हमारे गाँव मे मूलभूत सुविधाएं नही दे सकता तो कम से कम हमारे रास्ते का ही निर्मान पहल के आधार पर करवा दे ताकि हमे अपनी सुख सुविधाओं का आदान प्रदान करने के लिये अपने गांव से अन्य क्षेत्रों आने जाने में कोई दिक्कत तो न हो।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी सड़क का निर्माण न करवाया तो पूरा गाँव स्थानीय प्रशाशन ओर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने से भी गुरेज नही करेगा।
