कोविड-19 के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में एकत्रित हुए पैसे का पूरा हिसाब-किताब ऑनलाइन- मुख्यमंत्री

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बिलासपुर, सुभाष

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड में एकत्रित हुए पैसे का पूरा हिसाब-किताब ऑनलाइन कर दिया गया है जिसमें कितना पैसा एकत्रित हुआ है तथा कितना पैसा कहां-कहां खर्च हुआ है, उसका पूरा ब्योरा उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने यह बात हाल में ही कांग्रेस के नेताओं के द्वारा आरोप लगाए जाने पर जबाब दिया है उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले में पूरी तरह पारदर्शी है। उन्होंने कहा कि जिसे इसकी जानकारी चाहिए। वह वहां से इसकी जानकारी ले सकता है। बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश व देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं जोकि चिंता का विषय हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना व सूखे की स्थितियों का सही आंकलन करने के लिए वे स्वयं हर जिला में जाकर फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि बारिश कम होने की वजह से कई पेयजल स्कीमें प्रभावित हुई हैं। लेकिन अभी तक पानी का संकट उत्पन्न नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं ओर जिन पेयजल स्कीमों में पानी की कमी हुई है, उन्हें सरप्लस स्कीमों से इंटर सलक कर पानी मुहैया करवाया जाएगा और जहां पर हैंडपंप लगाने की जरूरत है, वहां पर हैंडपंप लगाए जाएंगे इसके लिए पैसे का पूरा प्रबंध कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो प्रदेश सरकार लोगों को पानी मुहैया करवाने के लिए टैंकर भी लगाएगी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता लोगों को कोविड संक्रमण से बचाने की है और इसके लिए प्रदेश सरकार सारे प्रबंध कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक जिला के हिसाब से वहां पर बैड की व्यवस्था सहित अन्य प्रबंध कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेशसरकार संपूर्ण लॉकडाऊन लगाने के पक्ष में नहीं है क्योंकि ऐसा करने से न केवल आॢथकी प्रभावित होती है बल्कि लोगों को भी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो प्रदेश में बंदिशों को और बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने प्रदेश के बार्डरों को सील किए जाने की संभावनाओं को फिलहाल खारिज किया है तथा कहा है कि इससे आवागमन करने वालों को खासी मुश्किलें होती हैं और प्रदेश सरकार अपने नागरिकों को ऐसी किसी मुसीबत में नहीं डालना चाहती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सूखे से हुए नुक्सान का सही आंकलन करने के कृषि व बागवानी विभाग को निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार से सूखे से आॢथक मदद की मांग की जाएगी।

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