किन्नौर में अपनी संस्कृति को कायम रखते हुए फागुन महीने में स्वांग निकाला गया।

--Advertisement--

Image

किन्नौर/ रिकांग पिओ:-एस पी क्यूलो माथास

पाश्चात्य संस्कृति के दौर में आज भी जिला किन्नौर में अपनी संस्कृति को संजो कर रखा है इसी के अंतर्गत किन्नौर जिला के भावा घाटी में फागुन महीने में स्वांग निकाला जाता है, स्वांग नृत्य जिला किन्नौर में एक मशहूर नृत्य है,

इस पर्व की शुरुआती दिन में सबसे पहले जो भी स्वांग बनते हैं। वह पहले देवता साहिब कामशु नारायण जी के मंदिर में जाकर नृत्य का प्रदर्शन करते हैं। उसके बाद वह लोग पूरे गांव में घर-घर जाकर नृत्य को दिखाते हैं, स्वांग के लोगों के घर जाने से लोगों के घर में बुरी शक्तियां नहीं आती है, वह लोगों के घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

लोक गायक इंद्रजीत की एक पहल ने बदला ट्रेंड, मोनाल की जगह कृत्रिम ‘कलगी’ बनी लोगों की पहली पसंद

हिमखबर डेस्क ‘हिमाचली टोपी’ जिसे पहाड़ी टोपी भी कहा जाता है,...

स्कूल के समीप रंगड़ों ने मां समेत दो बच्चों पर किया हमला, अस्पताल में भर्ती

हिमखबर डेस्क जनपद के जोगिंद्रनगर उपमंडल के द्राहल क्षेत्र में...