बजरी से ओवरलोड एक टिप्पर अनियंत्रित होकर घर की चारदीवारी पर पलट गया। हादसे के बाद टिप्पर चालक मौके से फरार हो गया। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई और जांच की जा रही है।
हिमखबर डेस्क
नियमों को ताक पर रखकर रात के अंधेरे में संकरे रास्तों से गुजर रहे ओवरलोड भारी वाहन हादसों का सबब बन रहे हैं। ताजा मामला ठाकुरद्वारा का है, जहां मुख्य बाजार चौक से मलकाना की ओर जाने वाले संकरे मार्ग पर बजरी से ओवरलोड एक टिप्पर अनियंत्रित होकर एक घर की चारदीवारी पर पलट गया।
गनीमत यह रही कि हादसा गांव के बाहरी हिस्से में हुआ, जिससे एक बड़ा जानलेवा हादसा टल गया। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार बीती रात करीब अढ़ाई बजे पंजाब की ओर जा रहा एक ओवरलोड टिप्पर (PB07 CH-7928) निर्धारित रूट की बजाय चोरी-छिपे गांव के प्रतिबंधित रास्ते से गुजरने का प्रयास कर रहा था।
इसी दौरान गांव के बाहर स्थित एक घर के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और टिप्पर घर की चारदीवारी को तोड़ता हुआ पलट गया। टिप्पर में लदी पूरी बजरी घर के प्रांगण में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद चालक टिप्पर की लाइटें जलती हुई छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए वहां से भाग निकला।
पीड़ित मकान मालिक के अनुसार इस हादसे में उनकी चारदीवारी और अन्य सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे उन्हें करीब 50 हजार रुपए से अधिक का नुक्सान हुआ है। इस घटना ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह टिप्पर पलटा, वहां सड़क थोड़ी चौड़ी थी। अगर यह हादसा वहां से महज 50 मीटर आगे गांव के बीचोंबीच संकरे रास्ते पर होता तो परिणाम बेहद भयानक हो सकते थे। उस समय लोग अपने घरों में गहरी नींद में सो रहे थे और टिप्पर के किसी घर पर पलटने से भारी जानमाल का नुक्सान हो सकता था।
पंचायत प्रधान और ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय पंचायत प्रधान शम्मी कुमार और समस्त ग्रामीणों ने पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कड़ा रोष जताया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा लगाई गई पाबंदी का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाया जाए।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि रात के समय ऐसे संकरे और आबादी वाले रास्तों पर गश्त बढ़ाई जाए और चोरी-छिपे गुजरने वाले क्रशर सामग्री के ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
गौरतलब है कि ठाकुरद्वारा से मलकाना की ओर जाने वाला यह मार्ग घनी आबादी से होकर गुजरता है और सड़क काफी संकरी है। इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इस रास्ते से क्रशर सामग्री से भरे टिप्परों और भारी वाहनों के गुजरने पर सख्त पाबंदी लगा रखी है।
इसके बावजूद क्रशर माफिया और चालक चंद किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए रात के समय नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यहां से ओवरलोड वाहन निकाल रहे हैं।

