हिमाचल की सियासत में भाजपा विधायक अनिल शर्मा के बयान से हलचल तेज हो गई है। उन्होंने कंगना रनौत और अनुराग ठाकुर समेत प्रदेश के भाजपा सांसदों पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सराहना की। हालिया घटनाक्रम में कंगना ने मंडी में सांसद निधि के इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी जताई थी।
हिमखबर डेस्क
सदर से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा के कोट-तुंगल में दिए बयान से मंडी की सियासत में हलचल तेज हो गई है। बुधवार को खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में उन्होंने कहा कि कोटली में पार्किंग के लिए जब सांसदों से 25-25 लाख रुपये मांगे, लेकिन मदद नहीं मिली तो वह मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलने पहुंचे।
अनिल शर्मा ने कहा कि कोटली में पार्किंग निर्माण के लिए करीब दो करोड़ रुपये की जरूरत थी। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मामला रखा, जिसके बाद धनराशि मिली और पार्किंग का काम शुरू हो गया है। अनिल शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यहां के सांसदों के तिलों में तेल नहीं और यह मंडी सदर के विधायक का डर है जो यहां विकास के लिए पैसा आ रहा है।
अनिल शर्मा ने इसके अलावा कॉलेज भवन के लिए 80 लाख रुपये मिलने की भी उन्होंने बात कही। विधायक ने कहा कि जिन विकास कार्यों की उन्होंने नींव रखी है, उन्हें पूरा करवाने के लिए वह लगातार प्रयास करते रहेंगे। इस साल राशि नहीं मिलती है तो अगले साल भी इसके लिए प्रयास जारी रहेंगे।
अनिल शर्मा का यह बयान इसलिए भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि प्रदेश के चारों लोकसभा सांसद भाजपा से हैं। ऐसे में भाजपा विधायक का सार्वजनिक मंच से सांसदों से सहायता नहीं मिलने और मुख्यमंत्री से संपर्क कर विकास कार्यों के लिए धनराशि मिलने का दावा करना भाजपा के स्थानीय संगठन में विधायक-सांसद समन्वय को लेकर सवाल खड़े करता है।
अनिल शर्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के पुत्र हैं और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। बता दें कि सदर हलके में कई विकास कार्यों के लिए हाल ही में विधायक ने धनराशि मंजूर करवाई है।

