मेहनत लाई रंग! किसान परिवार की बेटी रवीना चौहान बनीं CBSE में हिंदी शिक्षिका

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किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली रवीना चौहान ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन CBSE में हिंदी शिक्षक पद पर हुआ है। उनकी सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

सिरमौर – नरेश कुमार राधे

सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र की बेटियां और युवा लगातार अपनी मेहनत व प्रतिभा के दम पर सफलता की नई मिसाल कायम कर रहे हैं। इसी कड़ी में शिलाई क्षेत्र के बम्बल गांव की होनहार बेटी रवीना चौहान ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली रवीना चौहान का चयन सीबीएसई में प्रवक्ता/शिक्षक (हिंदी) के पद के लिए हुआ है। भादर सिंह और गुरदेई देवी के परिवार में जन्मी रवीना चौहान सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए उन्होंने अपनी मेहनत और आत्म-अध्ययन के दम पर यह मुकाम हासिल किया।

रवीना ने अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई शिलाई कॉलेज से पूरी की, जबकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से बीएड की पढ़ाई पूरी की हैं। रवीना की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपनी तैयारी के लिए मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया।

ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की गई इस उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। रवीना की सफलता गिरिपार क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं और बेहतर करियर के लिए मेहनत कर रहे हैं।

रवीना के पिता भादर सिंह पिछले करीब एक वर्ष से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते बिस्तर पर हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। परिवार की परिस्थितियों के बीच रवीना ने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा। उनकी इस उपलब्धि को परिवार की मेहनत और संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है।

रवीना चौहान की सफलता से बम्बल गांव सहित पूरे गिरिपार क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों और परिचितों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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