DGP ने NIT हमीरपुर के छात्रों से एंटी चिट्टा अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे में फंसे दोस्त का मजाक उड़ाने के बजाय उसकी मदद करें।
हिमखबर डेस्क
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें डीजीपी अशोक तिवारी ने युवाओं से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चल रहे एंटी-चिट्टा जन आंदोलन से जुड़कर नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। एनआइटी के सभागार में स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को संबोधित किया।
डीजीपी ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ अभियान केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, इसे सफल जन आंदोलन बनाने के लिए छात्र, अभिभावक, शिक्षक और समाज के हर वर्ग को भागीदार बनना होगा। उन्होंने छात्रों को अपने इंजीनियरिंग के दिनों के अनुभव साझा करते हुए लगातार सीखने और नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
महिला कॉन्स्टेबल निकिता ने भी छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि नशे में फंस रहे दोस्त का मजाक उड़ाने या उसे बदनाम करने के बजाय उसकी मदद करनी चाहिए। वहीं, चिट्टा बेचने वालों की सूचना पुलिस को देने की अपील की।
एंटी-चिट्टा अभियान में जुड़ने का आह्वान
डीजीपी ने छात्रों को 16 सितंबर को ऊना में होने वाले एंटी-चिट्टा अभियान में शामिल होने का न्योता दिया। उन्होंने एनआइटी से एक-दो बसों में छात्रों को ऊना भेजने पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छात्र 112 और पुलिस के सामाजिक माध्यमों के जरिये भी पुलिस से जुड़े रहें।
एनआइटी और पुलिस के बीच तकनीक, साइबर अपराध और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर भविष्य में सहयोग और समझौते की संभावनाएं भी तलाशने की बात कही।

