परवाणु के जंगल में बारहसिंगा मृत मिलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है कि मौत शिकार से हुई या प्राकृतिक कारणों से।
सोलन – रजनीश ठाकुर
परवाणु के बाहरी जंगलों से एक बारहसिंगा का शव बरामद होने के बाद शिवालिक की पहाडिय़ों में वन्यजीव निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना ने इलाके में अवैध शिकार की आशंका को बढ़ा दिया है।
पशुओं के लिए चारा इक_ा करने गए स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले शव को देखा। इसके बाद उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित किया, जिसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने अवशेषों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वन अधिकारियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और संभावित फंदों एवं शिकार के अन्य संकेतों सहित फोरेंसिक साक्ष्यों की तलाश कर रहे हैं।
जांच अधिकारी इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं कि हिरण को गोली मारी गई है या उसकी मौत प्राकृतिक कारणों अथवा किसी हिंसक जानवर के हमले से हुई है।
मौत के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रख लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही वास्तविक कारणों का पता लगेगा। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने परवाणु वन गलियारे में अवैध कटाई और बाहरी लोगों की बेरोक-टोक आवाजाही का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा है कि वन्यजीव अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है।
ग्रामीणों ने जंगलों में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। बारहसिंगा की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
वन अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक और पशुचिकित्सा जांच पूरी होने से पहले इसे शिकार का मामला मानना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली के निशान, जहर या किसी अन्य गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो औपचारिक मामला दर्ज किया जाएगा।

