हिमाचल प्रदेश में लापता 16 वर्षीय छात्र की मौत के बाद मामला गरमा गया। लोगों ने लंबागांव पुलिस थाना घेरकर रोष जताया। पुलिस को दिए गए बयान के बाद मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा के लंबागांव में 16 वर्षीय लापता छात्र अभिलाष की मौत पर बवाल हो गया है। छात्र की मौत को लेकर परिजनों व स्थानीय लोगों ने लंबगांव थाने का घेराव कर चक्का जाम कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, सोल बनेहड़ पंचायत के 16 वर्षीय छात्र की डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
अभिलाष पुत्र संजय चौधरी जमा एक का छात्र था। वह 27 अगस्त की सायं चार बजे रोजाना की तरह घर से अपर लंबागांव में ट्यूशन पढ़ने गया था और रात को घर नहीं लौटा था। स्वजन ने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में स्वजन ने लंबागांव पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
28 अगस्त को अपर लंबागांव के एक युवक ने अपर लंबागांव के पलाहनिया मोड़ के पास अभिलाष को देखा। अभिलाष को देखते ही वह बोला कि तेरी तो इंटरनेट मीडिया में गुमशुदगी की खबर प्रसारित हो रही है। इतना कहने के बाद उक्त युवक ने अभिलाष के पड़ोसी को इस संबंध में सूचना दी। पड़ोसी ने इसकी सूचना अभिलाष के स्वजन को दी।
जब स्वजन मौके पर पहुंचे तो अभिलाष के पैरों में चप्पल भी नहीं थी व उसकी हालत भी खराब थी। वह सही ढंग से न चल पा रहा था और न ही बोल पा रहा था। स्वजन 28 अगस्त को ही बेटे को नागरिक अस्पताल जयसिंहपुर ले गए, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद टांडा अस्पताल रेफर कर दिया था। टांडा में उपचार के दौरान रविवार सुबह अभिलाष की मौत हो गई।
दो लोग ट्राले में ले गए थे
पुलिस को दिए बयान में अभिलाष ने कहा था कि कोई अज्ञात दो लोग उसे ट्राले में ले गए थे व कुछ पिलाकर वहीं छोड़ गए थे। उसे यह नहीं पता है कि वे लोग कौन थे। अभिलाष की मौत किस चीज के खाने या पीने से हुई है, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। डीएसपी बैजनाथ संदीप शर्मा ने बताया कि मामला दर्ज कर छानबीन आरंभ कर दी है।

